सभी सांसद क्षेत्रीय भाषा में बोलें, ताकि अपने इलाके के लोगों से कनेक्ट हो सकें: बिरला

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नई दिल्ली। लोकसभा में आए दिन स्पीकर ओम बिरला अब विपक्ष के सांसदों के साथ सत्ता पक्ष के सांसदों को भी निर्देश देते नजर आते हैं। कभी भाषा के लेकर को कभी सदन के नियमों को लेकर। इसी क्रम में आज कांग्रेस के सांसद डॉ अमर सिंह पंजाब में ड्रग्स और कानून व्यवस्था की समस्या को लेकर हिंदी में बोलने लगे, फिर बीच-बीच में कभी-कभी पंजाबी बोल रहे थे।

कुछ देर बोलने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए कहा कि आप पंजाबी में बोलो न। इसके बाद ओम बिरला ने सभी सांसदों को निर्देश देते हुए कहा कि आप लोग आज संसद में अपनी-अपनी भाषा में बोलिए। 22 भाषाओं में किसी भाषा में बोल सकते हैं। ओम बिरला ने कहा कि अगर आप क्षेत्रीय भाषा में बोलेंगे तो अपनी जनता से कनेक्ट हो सकेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने पद से हटाने के प्रस्ताव के खारिज होने के एक दिन बाद सभी सांसदों से कहा था कि सदन नियमों के अनुसार ही कार्य करता है और किसी भी सदस्य को किसी भी समय और किसी भी विषय पर बोलने का विशेषाधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही कार्य करती रहेगी, चाहे किसी सदस्य को यह स्वीकार्य हो या न हो, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कार्यवाही का संचालन करेंगे। उन्होंने कहा था कि बहस के दौरान उन पर भरोसा जताने के लिए वे सदन के सदस्यों के प्रति आभारी हैं। उन्होंने अपने पक्ष और विपक्ष में बोलने वाले सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया।

रामवीर सिंह बिधूड़ी को टोका
इससे पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भारतीय जनता पार्टी के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी को टोक दिया। दरअसल, बिधूड़ी ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछने से पहले उनका धन्यवाद किया। फिर क्या था स्पीकर ओम बिरला ने बीच में टोक दिया और कहा कि माननीय सदस्यगण आपलोग धन्यवाद देने में जो समय लगाते हैं, उससे ज्यादा समय प्रश्न पूछने में खर्च करें। धन्यवाद की आवश्यकता नहीं है।