नई दिल्ली। बुलियन मार्केट में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। चांदी की कीमतों ने वायदा बाजार में 2,59,692 रुपये प्रति किलोग्राम का अब तक का सर्वोच्च स्तर छू लिया, लेकिन इसके बाद गिरावट दिखी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के जारी होने से पहले व्यापारियों की ओर से की गई भारी मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का अनुबंध चार दिनों की लगातार तेजी को थामते हुए 4,161 रुपये या 1.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,54,650 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले, बुधवार को शुरुआती कारोबार में चांदी 881 रुपये या 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,59,692 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल आया था, जब यह 13,167 रुपये (5.35 प्रतिशत) बढ़कर 2,59,322 रुपये के स्तर पर पहुंची थी और 2,58,811 रुपये पर बंद हुई थी।
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सीमित दायरे में कारोबार और हल्का दबाव देखने को मिला। फरवरी डिलीवरी वाला सोना 633 रुपये या 0.46 प्रतिशत गिरकर 1,38,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का संकेत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का रुझान दिखा। कॉमेक्स पर चांदी वायदा 1.41 डॉलर (1.74 प्रतिशत) गिरकर 79.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, जबकि दिन में यह 82.58 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई थी। वहीं, सोना 21 डॉलर (0.47 प्रतिशत) गिरकर 4,475.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
विशेषज्ञों की राय
रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, “निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को दरकिनार करते हुए अपना ध्यान आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित किया है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में दो दिनों की तेजी पर विराम लगा है”। बाजार के जानकारों की नजर शुक्रवार को जारी होने वाली दिसंबर महीने की अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट पर टिकी है। यह डेटा फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर भविष्य के दृष्टिकोण को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएगा।

