संयम, सरलता, करुणा और सदाचार को आत्मसात करना ही धर्म: विभाश्री माताजी

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विश्व शांति की कामना के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन

कोटा। आर.के.पुरम स्थित मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, त्रिकाल चौबीसी के तत्वावधान में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी एवं गणिनी आर्यिका विनयश्री माताजी के सान्निध्य में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान का विधिवत पूर्णाहुति के साथ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ।

अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलाष्टक, सहस्त्रनाम अभिषेक एवं शांति धारा पूजन विधान संपन्न हुआ। इसके पश्चात विश्वशांति महायज्ञ एवं मंडल विसर्जन की पावन प्रक्रिया आयोजित की गई। इसके उपरांत पांडाल से मंदिर तक भव्य श्रीजी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रीजी पालकी में विराजमान थे, जिनके साथ बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं भक्ति भाव से चल रही थीं। संपूर्ण मार्ग महावीर स्वामी के जयकारों से गूंज उठा।

उपाध्यक्ष लोकेश जैन बरमुंडा ने बताया कि शोभायात्रा में महिलाएं लाल रंग की साड़ियों में सुसज्जित होकर सिर पर कलश धारण किए, भक्ति नृत्य करते हुए आगे बढ़ती रहीं। श्रद्धालु नाचते-गाते जयकारे लगाते नजर आए। गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ससंघ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करती हुई शोभायात्रा के साथ चलती रहीं।

इस अवसर पर विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि सिद्धचक्र महामण्डल विधान का साक्षात फल तीर्थंकर बनना नहीं, बल्कि मनुष्य जीवन को सार्थक बनाना है। धर्म भगवान के लिए नहीं, अपितु समस्त जीवों के कल्याण के लिए है। धर्म हमें सही मार्ग दिखाता है और जीवन में सम्यकदर्शन की प्राप्ति कराता है।

गणिनी माताजी ने कहा कि धर्म का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि जीवन में संयम, सरलता, करुणा और सदाचार को आत्मसात करना है। यदि वाणी और विचार शुद्ध हो जाएं तो वहीं से कल्याण का मार्ग प्रारंभ हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान की आराधना करते समय यदि कोई परेशानी आए तो उसे सम्यक समाधान भाव से स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि देव-शास्त्र-गुरु की अवहेलना कभी नहीं होनी चाहिए।

इस अवसर पर सकल समाज मनोज जैसवाल, विनोद टोरडी, पदम बडला, ताराचंद बडला, संयोजक पदम जैन दुगरिया, कार्याध्यक्ष प्रकाश सेठिया, मुकेश पापड़ीवाल, अक्षय जैन, संजय बांझल, रोहित जैन सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सफेद जैन मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न

महावीर नगर प्रथम स्थित सफेद जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका रत्न विशुद्धमति माताजी एवं उनकी शिष्या पट्ट गणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी के सान्निध्य में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

अध्यक्ष गुलाबचंद लुहाड़िया ने बताया कि विधान के अंतर्गत शांतिधारा के पश्चात नित्य नियम पूजन, प्रवचन, हवन एवं विश्व शांति महायज्ञ का विधिवत आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर आत्मकल्याण एवं विश्व शांति की कामना की।

कार्याध्यक्ष जीवनधर सोगानी के अनुसार आयोजित शोभायात्रा में श्रीजी को सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने रथ को अपने हाथों से खींचकर पुण्यार्जन किया। शोभायात्रा में आर्यिका संघ का सान्निध्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।