तलवंडी जैन मंदिर में आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा के साथ मनाया
कोटा। तलवंडी स्थित जैन मंदिर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। यह आयोजन गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।
महामंत्री प्रकाश सामरिया व राजकुमार लुहाडिया ने बताया कि भगवान आदिनाथ के मोक्ष कल्याणक पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। महिला मंडल की महामंत्री सुनीता सामरिया ने बताया कि 77वें अवतरण महोत्सव के अंतर्गत विधान में बैठने वाले पात्रों हेतु हल्दी एवं मेहंदी का भव्य एवं आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह संगीतमय एवं भक्तिमय आयोजन रविवार को संपन्न होगा।
इस अवसर पर पट्टगणिनी आर्यिका विज्ञमति माताजी ने अपने प्रवचन में गूढ़ आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि जब आत्मा दुर्बल होती है, तब मोहनीय कर्म बलवान बन जाता है, और जब साधक आत्मबल से संपन्न होता है, तब मोहनीय कर्म स्वयं हार मान लेता है। उन्होंने बताया कि संतों की संगति से चारित्र मोहनीय कर्म का क्षय होता है, जिससे जीवन में नैतिकता, संयम और विवेक का उदय होता है।
सकल समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज की अध्यक्षता में सकल दिगम्बर जैन समाज की बैठक गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के सानिध्य में आयोजित कर 19 जनवरी से प्रारंभ अवतरण दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप् दिया।
धर्मसभा में प्रकाश बज, विमल जैन नांता, विनोद टोरडी, जे.के. जैन, सुरेश चांदवाड़, राजकुमार लुहाडिया, कैलाश खंडेलवाल, समिति अध्यक्ष अशोक पहाड़िया, सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

