श्रीमन्मथुराधीश आंगन में महका गुलाब का अठखम्बा, विट्ठलनाथ जन्मोत्सव मनाया

0
10

कोटा। पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रथम पीठ श्री प्रथम गृह निधि श्रीमन्मथुराधीश मंदिर में बुधवार को प्रथम पीठाधीश्वर गोस्वामी विट्ठलनाथ (लालमणी) महाराज का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में ‘गुलाब का अठखम्बा’ मनोरथ हुआ। जिससे संपूर्ण मंदिर प्रांगण हजारों ताजे गुलाबों की सुगंध से सराबोर रहा। जिसने वातावरण को अलौकिक और आध्यात्मिक आभा से भर दिया।

​जन्मोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार अलसुबह मंगला की झांकी के साथ हुआ। प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में मंदिर के मुखियाजी और सेवादारों ने प्रभु का विशेष श्रृंगार किया। जैसे ही मंगला के पट खुले, मंदिर परिसर ‘बधाई गान’ की मधुर गूँज से गुंजायमान हो उठा।

भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन कर मंगल कामनाएं कीं। उत्सव के उपलक्ष्य में प्रभु को विशेष केसरिया सामग्री और पारंपरिक व्यंजनों के भोग अर्पित किए गए। ​सायंकाल में ‘गुलाब का अठखम्बा’ मनोरथ हुआ।पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, इस मनोरथ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।

झांकी के लिए मंदिर के विशेष स्तंभों (अठखम्बा) को देश के विभिन्न हिस्सों से मंगवाए गए हजारों लाल और गुलाबी गुलाब के फूलों से सजाया गया। पुष्प बंगले और अठखम्बा की भव्यता के बीच विराजित प्रभु मथुराधीश जी का स्वरूप अत्यंत मनोहारी लग रहा था। इस दिव्य दृश्य के साक्षी बनने के लिए कोटा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वैष्णवजन उमड़ पड़े।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन द्वारा दर्शनों के समय में विशेष परिवर्तन किए गए थे। प्रातः ग्वाल और राजभोग दर्शनों के बाद सायंकाल उत्थापन और भोग के दर्शन नियमानुसार बंद रहे। जिसके पश्चात सीधे ‘अठखम्बा’ मनोरथ के दर्शन खुले।