नई दिल्ली। 1 अप्रैल यानी आज से न सिर्फ नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही शेयर बाजार और बैंकिंग से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। इन बदलावों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इनका सीधा असर आप पर पड़ेगा। जानें आज से क्या-क्या बदलाव हुए हैं:
शेयर बायबैक पर टैक्स नियम
1 अप्रैल से शेयर बायबैक (Share buyback tax rules) (जब कंपनी अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है) पर टैक्स लगने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। बायबैक से होने वाली कमाई पर अब इसे ‘डिविडेंड इनकम’ के बजाय ‘कैपिटल गेन्स’ माना जाएगा। कंपनियों को 22% की प्रभावी दर से टैक्स देना होगा। गैर-कॉरपोरेट प्रमोटरों (व्यक्ति या HUF) के लिए यह टैक्स दर 30% तय की गई है।
F&O ट्रेडिंग होगी महंगी
- 1 अप्रैल से F&O ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
- ऑप्शंस पर यह 0.1% 0.125% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
- सरकार ने टैक्स इसलिए बढ़ाया है ताकि इस सेगमेंट में होने वाली सट्टेबाजी को कम किया जा सके और छोटे निवेशकों को भारी नुकसान से बचाया जा सके।
LRS पर TCS कम लगेगा
- विदेश घूमने के पैकेज और इलाज या पढ़ाई के लिए बाहर पैसे भेजने (LRS) पर TCS घटा दिया गया है।
- विदेश टूर पैकेज पर TCS 20% से घटाकर सिर्फ 2% कर दिया गया है।
- मेडिकल और पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर यह 5% की जगह अब 2% लगेगा।
बैंकिंग से जुड़े नियम बदले
- रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, भारत में सभी डिजिटल पेमेंट ट्रांजेक्शन के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (2FA) जरूरी होगा। अब तक इसके लिए ज्यादातर SMS आधारित OTP का इस्तेमाल होता रहा है। ये नियम आज से प्रभावी होंगे।
- RuPay Platinum डेबिट कार्ड रखने वाले लोग 1 अप्रैल से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के लाउंज का इस्तेमाल मुफ्त में नहीं कर पाएंगे।
- HDFC बैंक, PNB और बंधन बैंक समेत कई बैंकों ने ATM से कैश निकालने की पॉलिसी, फीस और लिमिट में बदलाव किया है।
बदल जाएंगे NPS के नियम
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए 1 अप्रैल से नया दौर शुरू हो रहा है। PFRDA ने फीस वसूलने और NAV की गणना करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी और प्राइवेट सब्सक्राइबर्स के लिए एक ही स्कीम में अलग-अलग NAV हो सकती है।

