शिविर में 500 दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग, ट्राइसाइकिल व सहायक उपकरण

0
4

कोटा। सामाजिक अधिकारिता विभाग एवं भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयुक्त तत्वावधान तथा इनरव्हील क्लब के सहयोग से झालावाड़ रोड स्थित श्रद्धा भवन आश्रम परिसर में आयोजित दो दिवसीय दिव्यांगजन सहायता शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपकरण प्राप्त करने पहुंचे।

इनरव्हील क्लब अध्यक्ष चारू जैन व सचिव नीरजा कोहली ने बताया कि शिविर का अवलोकन जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.एन. व्यास तथा स्थायी लोक अदालत के सचिव ने किया। अतिथियों ने पात्र दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए।

करणी नगर विकास समिति की ओर से समाजसेवी प्रवीण भंडारी ने बताया कि शिविर में दिव्यांगजनों को सभी उपकरण पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराए गए। शिविर में आने वाले लाभार्थियों के लिए ठहरने एवं भोजन की भी नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी। दो दिवसीय शिविर में लगभग 500 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए।

इनरव्हील क्लब ऑफ कोटा की अध्यक्ष चारू जैन एवं सचिव नीरजा कोहली ने बताया कि इस दिव्यांग शिविर का आयोजन इंटरनेशनल इनरव्हील डे के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। दिव्यांगजनों को सक्षम बनाना केवल सहायता नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। इस उद्देश्य से इनरव्हील क्लब इस शिविर में सहयोगी बना। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर सचिव नीरजा कोहली, पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर स्वाति गुप्ता, नीता जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर अंजलि अग्रवाल, किरण अग्रवाल, प्रीति गौत्तम सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

सामाजिक अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक सविता कृष्णैया ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार यह शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ट्राइसाइकिल, जयपुर फुट, कैलिपर सहित अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए। साथ ही रोडवेज बस पास बनवाने की सुविधा भी दी गई। जिन दिव्यांगजनों के पास डिजिटल मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं था, उनके लिए पंजीकरण कर एमबीएस अस्पताल के कक्ष संख्या 121 में प्रमाण पत्र बनवाने की व्यवस्था की गई है।

प्रवीण भंडारी ने बताया कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति पिछले 40 वर्षों से दिव्यांग सेवा में समर्पित है। समिति प्रतिवर्ष लगभग 8,000 दिव्यांगजनों को लाभान्वित करती है तथा अब तक देश के 100 से अधिक शहरों में शिविर आयोजित कर चुकी है। वर्तमान में जम्मू, मथुरा, कटनी, भुज, पालनपुर, सूरत, बड़ौदा, नासिक, पालिताना और नागपुर सहित 11 शहरों में प्रतिमाह नियमित शिविर संचालित किए जा रहे हैं।