शिक्षा परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन एवं क्रिटिकल थिंकिंग आधारित हो: नितिन विजय

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ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में एआई लैब का उद्घाटन

कोटा। मोशन एजुकेशन के फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि आने वाला समय केवल रटने वाली शिक्षा का नहीं, बल्कि “सोचने और बनाने” की क्षमता का है। इसलिए आज की शिक्षा को केवल परीक्षा केंद्रित न रहकर, इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग पर आधारित होना चाहिए।

वे शनिवार को मोशन के रानपुर स्थित ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में एआई, रोबोटिक्स और एडवांस्ड इनोवेशन लैब के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इससे पहले चेयरमैन सुरेंद्र विजय ने पिकलबॉल कोर्ट, म्यूजिक रूम और नृत्य कक्ष का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि हम बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विश्वास रखते हैं। इसलिए शिक्षा के साथ खेल, संगीत और नृत्य पर भी जोर है। इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय और अन्य डायरेक्टर भी मौजूद थे।

नितिन विजय ने कहा कि ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में अत्याधुनिक लैब्स विकसित की गई हैं, जहां छात्र किताबों से आगे बढ़कर प्रयोग और प्रोजेक्ट आधारित सीखने का अनुभव प्राप्त करेंगे। यह पहल छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी समझ को शुरुआती स्तर से मजबूत करेगी।

एआई लैब के माध्यम से कक्षा 6 से 10 तक के स्टूडेंट्स को, उनके स्तर के मुताबिक मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परिचित कराया जाएगा। लैब में छात्र ऑटोमेशन और कोडिंग के जरिए अपने खुद के मॉडल और प्रोटोटाइप तैयार करेंगे।

इसके लिए उनको सेंसर, चिप, कनेक्टर्स के अलावा मेकेनिकल टूल किट उपलब्ध कराए जाएंगे। एडवांस्ड लैब का फोकस इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग पर होगा, जहां साइंस, मैथ और टेक्नोलॉजी को जोड़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजे जाएंगे।

ध्रुव बोर्डिंग स्कूल में इन सुविधाओं को केवल उपकरणों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके साथ एक विशेष पाठ्यक्रम और मेंटरशिप मॉडल भी जोड़ा गया है। इसमें छात्रों को एक्सपर्ट्स के साथ इंटरैक्शन, हैकाथॉन, इनोवेशन चैलेंज और रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। उद्देश्य यह है कि छात्र केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि क्रिएटर बनें। यहां स्टूडेंट्स को एआई के यूज और मिसयूज से भी परिचित करवाया जाएगा।

नितिन विजय ने स्पष्ट किया कि हमें उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना होगा, ताकि वे ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इस तरह की पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन के अनुरूप हैं, जिसमें स्किल बेस्ड और एक्सपेरिएंशियल लर्निंग पर जोर दिया गया है।

इस दौरान स्टूडेंट्स ने ड्रोन और आरसी प्लेन उड़ाए। थ्री-डी प्रिंटर का इस्तेमाल करके दिखाया। ब्लूटूथ और वायफाय से पंखे की स्पीड कम-ज्यादा, लाइट कम-ज्यादा और चालु बन्द करके, रोबोटिक आर्म और रिमोट कार चलकर दिखाई।