कोटा। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा (696 आर) कोटा-बारां की अनूठी पहल पर बुधवार को रामगंजमंडी में स्काउट गाइड स्थानीय संघ द्वारा ब्लॉक स्तरीय ‘प्रवेशोत्सव’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस अवसर पर पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगंजमंडी तथा हीराभाई पारीक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय द्वारा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली का औपचारिक शुभारंभ शिक्षा सहकारी सभा के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, मंत्री जमनालाल गुर्जर, डायरेक्टर दिनेश कुमार मीणा, बीना सोनी एवं प्रधानाचार्य शिवनारायण धाकड़ द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।
प्रकाश जायसवाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि रैली का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालयों में नामांकन में वृद्धि करना और आमजन को साक्षरता के प्रति जागरूक करना है।
रैली में दोनों विद्यालयों के समस्त शैक्षणिक स्टाफ, स्काउट-गाइड, एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) के स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्काउट-गाइड और एनएसएस स्वयंसेवकों ने रैली के दौरान व्यवस्था संभालकर अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश किया।
विद्यार्थी कतारबद्ध होकर हाथों में तख्तियां लिए रामगंजमंडी के मुख्य मार्गों से गुजरे। स्काउट गाइड स्थानीय संघ के सचिव दयाल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य प्रमुख केंद्रों पर भी इसी प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के सघन प्रयास किए जाएंगे। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा और नामांकन से संबंधित प्रेरणादायक नारों का उद्घोष किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्काउट गाइड सचिव दयाल सिंह, बलतेज सिंह, श्याम सुंदर, देवकिशन नागर, शिवराज मीणा, उदय शंकर नावरिया, शीशराम सैनी, संगीता अहीर, मीनाक्षी योगेंद्र, राम कल्याण रेगर, प्रदीप धाकड़, बाबू चंद्रकांत मीणा, सतीश कुमार आचार्य, विशाल गुप्ता, दिलीप शर्मा, राकेश सांखला, विनोद कुमार, हंसराज मीणा, दिनेश कुमार नागर, भारती सोनी, उषा पांडे, संगीता गुप्ता, नीमा धारीवाल, राधा रानी मालव, रुचि महावर, चेलना जैन, अनुप्रभा चौहान, जगदीश प्रसाद शर्मा, नितेंद्र कुमार, वासुदेव प्रसाद शर्मा एवं शंभू दयाल सहित सभी शारीरिक शिक्षकों व व्याख्याताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

