वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की भूमिका सशक्त हुई: स्पीकर बिरला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया 28वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन का शुभारंभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के ऐतिहासिक संविधान सदन में राष्ट्रमंडल देशों के 28वें संसदीय सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन किया। समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस गरिमामयी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति सभी के लिए गर्व का विषय है।

उनके दूरदर्शी नेतृत्व में किए गए सुधारों से भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की भूमिका मजबूत हुई है और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने जनता का विश्वास और भरोसा बढ़ाया है।

बिरला ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ भारत में लोकतांत्रिक संवाद, सहयोग और साझा मूल्यों को सशक्त करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। संसद की सात दशकों से अधिक की यात्रा में जन-केंद्रित नीतियों और कल्याणकारी कानूनों ने लोकतंत्र को मजबूत किया है। निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था ने हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की है, जिससे लोकतंत्र के प्रति आस्था और गहरी हुई है।

उन्होंने कहा कि संसद और सरकार के साझा प्रयासों से अनेक अप्रासंगिक कानून हटाए गए और नए, जनहितकारी कानून बनाए गए। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नीतियों के कारण देश विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यकुशलता बढ़ाई है, लेकिन इनके दुरुपयोग से गलत सूचना, साइबर अपराध और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं।

उन्होंने नैतिक AI और जवाबदेह सोशल मीडिया की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सम्मेलन में इन विषयों पर गंभीर और व्यावहारिक चर्चा होनी चाहिए। बिरला ने कहा कि भारत की संसद और विधान मंडलों में AI और तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। पेपरलेस कार्यप्रणाली और साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता को नई दिशा मिली है।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में पीठासीन अधिकारियों की निष्पक्षता, न्यायप्रियता और जनता में संसद की विश्वसनीयता बढ़ाने पर भी मंथन होगा। जनता की नजर में संसद का गौरव और विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त स्पीकर ओम बिरला ने पीठासीन अधिकारियों के प्रथम सत्र में संसद में AI का संतुलन एवं सोशल मीडिया के युग में राजनीतिक विमर्श विषय पर भी सम्बोधित किया।

इसके पूर्व स्पीकर बिरला ने इंटर पार्लियामेंटरी यूनियन की अध्यक्ष तुलिया एक्सन, सीपीए चेयरपरसन डॉ. क्रिस्टोफर कैलिया सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों का संविधान सदन के सेंट्र्ल हॉल परिसर में स्वागत किया।

इस अवसर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारी, भारत सरकार के मंत्रीगण, राज्य विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारी, सांसद और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।