नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला से तेल निकालने के लिए बड़ी योजना बनाई है। इसी सिलसिले में उन्होंने शुक्रवार को अमेरिका और यूरोप की बड़ी तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने वेनेज़ुएला में बड़े पैमाने पर तेल निकालने के 100 अरब डॉलर निवेश करने का प्रस्ताव रखा।
लेकिन इन कंपनियों ने वेनेज़ुएला में अरबों डॉलर का निवेश करने का कोई बड़ा वादा नहीं किया। इसकी वजह यह रही कि ट्रंप प्रशासन वेनेज़ुएला की लंबी अवधि की स्थिरता को लेकर जो योजना बताई, उस पर कंपनियों को गहरा संदेह था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सॉनमोबिल के सीईओ डैरेन वुड्स ने अधिकारियों से साफ-साफ कहा कि वेनेज़ुएला में ट्रेड करना असंभव है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के हटने के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल है। माना जा रहा है कि अगले कई साल तक वहां यही स्थिति रहने वाली है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। लेकिन वुड्स ने कहा कि वहां कई कानूनी और व्यावसायिक ढांचे स्थापित करने होंगे। उसके बाद ही पता चल पाएगा कि कंपनियों को वहां अपने निवेश पर किस तरह का रिटर्न मिलेगा।
इंडस्ट्री की डिमांड
बैठक में मौजूद कई अन्य कंपनियों के अधिकारियों ने भी वेनेजुएला में निवेश का कोई ठोस वादा नहीं किया। उनका कहना था कि तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए कई साल लग जाएंगे और इस काम को शुरू करने से पहले इंडस्ट्री को व्यापक सुरक्षा और वित्तीय गारंटी चाहिए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार सिक्योरिटी की गारंटी देने को तैयार हे लेकिन वह ऑयल प्रोजेक्ट्स के लिए पैसे नहीं दे सकती। वेनेजुएला का तेल उत्पादन का तरीका दशकों पुराना है और प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए भारी निवेश की जरूरत है।

