कोटा/टोक्यो। VK Jaitley honoured in Japan: कोटा के वरिष्ठ उद्योग चिंतक और “करेजियस कम्युनिटी फाउंडेशन” के चेयरमैन,डीसीएम के पूर्व सीईओ एवं “एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (EAR)” के मुख्य सलाहकार वी. के. जेटली को जापान के टोक्यो शहर में आयोजित एक भव्य समारोह में 50 वर्षों की उपलब्धियों के लिए सिल्वर ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें उद्योग, नेतृत्व और वैश्विक सहयोग में अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस गरिमामयी आयोजन में जापान के कई प्रमुख उद्योगपति एवं वैश्विक कारोबारी हस्तियाँ शामिल हुईं।
जापान में पिछले 40 वर्षों से बसे भारतीय व्यापारी समुदाय के प्रतिनिधियों में रियल जेन्स कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष त्रिभुवन खंडेलवाल, क्लासिक डायमंड कंपनी लिमिटेड के मनोज सिंह, कुशल इम्पेक्स इंक के अध्यक्ष सुनील कुमार जैन और एसएआरसी एशियन एसोसिएशन ऑफ रीजनल कोऑपरेशन एंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष विनोद जुनेजा का विशेष योगदान रहा।
चौथे व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की सफलता
11 जून से 21 जून 2025 तक आयोजित चौथे व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल दौरे को भव्य सफलता मिली। इस दौरे में 7 वर्ष से 80 वर्ष की आयु वर्ग के 37 प्रतिष्ठित उद्योगपति, विचारक नेता, आध्यात्मिक चिकित्सक और गृहिणियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने ओसाका, कोटा, नागोया, टोक्यो और हांगकांग जैसे प्रमुख शहरों का भ्रमण किया। जिससे सांस्कृतिक जुड़ाव और आराम सुनिश्चित हुआ।
भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रतिष्ठित उद्योगपति, वैज्ञानिक और जापान तथा भारत स्थित रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के भारतीय उद्यमी शामिल थे। ये सभी भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार, प्रौद्योगिकी सहयोग, अनुसंधान एवं विकास तथा वैश्विक नेटवर्किंग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जेटली के व्यापारिक दौरे के उद्देश्य
कोटा कॉरेजियस कम्युनिटी फाउंडेशन के चेयरमैन एवं ईएआर के मुख्य सलाहकार वी.के. जेटली ने बताया कि जापान व्यापारिक यात्रा में शामिल होने के तीन मुख्य उद्देश्य थे। जापानी कंपनियों और कार्य संस्कृति में क्रांतिकारी सुधार को समझना।
टोयोटा संग्रहालय की यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि टीक्यूएम, काइज़ेन, क्वालिटी सर्कल और टोयोटा एचआर प्रथाओं के माध्यम से निरंतर सुधार कैसे संभव है। जापानी संस्कृति को समझना, जो विनम्र, शांत, दयालु और सहयोगी है।
उन्होंने पाया कि अधिकांश जापानी लोग “ज़ाज़ेन” का अभ्यास करते हैं, जो विपश्यना की तरह एक बौद्ध ध्यान तकनीक है।विश्व प्रदर्शनी ओसाका 2025 सहित विभिन्न लोकप्रिय पर्यटन स्थलों का भ्रमण करना।
बचपन का सपना पूरा हुआ
जेटली ने भावुक होते हुए कहा, “मैं कभी जापान जाऊंगा – बचपन में मेरे द्वारा देखा गया यह सपना पूरा हुआ।” उन्होंने इसे सभी सह-यात्रियों के साथ एक अविस्मरणीय और अद्भुत अनुभव बताया। जेटली ने विशेष रूप से ईएआर के अध्यक्ष एन.के. जैन की कड़ी मेहनत और इस व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल दौरे की भव्य सफलता के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने इस जापान-हांगकांग यात्रा को ए+ रेटिंग दी। इस प्रतिनिधिमंडल ने न केवल नए व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा दिया बल्कि सार्थक बातचीत, ज्ञान साझाकरण और विविध उद्योगों में दीर्घकालिक साझेदारी को भी सुविधाजनक बनाया। यह पहल वैश्विक संपर्कों को मजबूत बनाने और सहयोग एवं विकास के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

