कोटा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण तथा शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आलनिया स्थित स्काउट गाइड प्रशिक्षण केंद्र पर ‘विश्व वानिकी सप्ताह’ के उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री के ओएसडी सतीश गुप्ता थे। अध्यक्षता शिक्षा सहकारी एवं स्काउट गाइड के जिलाध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपप्रधान हेमलता शर्मा एवं सहायक राज्य संगठन आयुक्त दिलीप माथुर उपस्थित रहे।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सतीश गुप्ता ने कहा कि वन समस्त मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने वर्तमान में बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित कटाई के कारण उत्पन्न हो रहे असंतुलन पर चिंता जताते हुए आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक को न केवल वृक्षारोपण करना चाहिए, बल्कि रोपे गए पौधों के जीवित रहने तक उनकी नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे प्रकाश जायसवाल ने बताया कि स्काउट गाइड संगठन का मूल ध्येय ही सेवा और प्रकृति की रक्षा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाकर हम पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं।
वहीं, सहायक राज्य संगठन आयुक्त दिलीप माथुर ने जोर दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जिला उप प्रधान हेमलता शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं और बच्चों की भूमिका निर्णायक है। यदि परिवार स्तर पर जागरूकता आए तो समाज में बड़ा परिवर्तन देखा जा सकता है।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन करते हुए सीओ स्काउट बृज सुंदर मीणा ने विद्यालय स्तर पर पर्यावरण शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक बनाने पर बल दिया। उन्होंने “एक छात्र-एक पौधा” अभियान का नारा देते हुए विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सामाजिक सेवाओं के लिए स्थानीय समाजसेवी जगदीश कलवार को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

