विश्व बाघ दिवस पर कोटा में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम

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साइकिल रैली से शुरू हुआ जागरूकता अभियान, मियावाकी पद्धति से लगाए गए पौधे

कोटा। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर कोटा में पर्यावरण संरक्षण और बाघ संरक्षण को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कोटा ग्रीन कम्युनिटी, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, वाइल्ड लाइफ डिविजन कोटा और कोटा दक्षिण नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साइकिल रैली, सफाई अभियान और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।

संयोजक प्रणव खीची ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह छह बजे मुकुंदरा डीसीएफ ऑफिस से साइकिल रैली के साथ हुई। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सुगनाराम जाट ने हरी झंडी दिखाकर 55 साइक्लिस्टों की इस रैली को रवाना किया।

रैली में सीसीएफ सुगनाराम जाट, उप वन संरक्षक (डीसीएफ) एस मुथू और डीसीएफ वाइल्डलाइफ अनुराग भटनागर ने भी साइकिल चलाकर भागीदारी की। साढ़े सात बजे यह रैली गरड़िया महादेव पहुंची, जहां ‘प्लास्टिक मुक्त गरड़िया अभियान’ चलाया गया। इस दौरान कोटा ग्रीन कम्युनिटी और नगर निगम दक्षिण के सहयोग से नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे की सफाई का व्यापक अभियान चलाया गया।

बाघ संरक्षण का महत्व
डीसीएफ एस मुथू ने बताया कि टाइगर डे पर जनभागीदारी के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डीसीएफ वाइल्डलाइफ अनुराग भटनागर ने बाघ संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाघ संरक्षण केवल बाघों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल में पेड़ों से लेकर शाकाहारी जानवरों और बाघों तक के संपूर्ण जीवन चक्र को संरक्षित करने का काम करता है।

मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दौलतगंज वन भूमि पर नौ बजे से शुरू हुआ वृक्षारोपण था। जापानी मियावाकी पद्धति से 2000 पौधे लगाए गए। इस विशेष तकनीक में पौधों को एक से दो फीट की दूरी पर लगाया जाता है, जिससे कुछ समय बाद पौधे धूप पाने की प्रतिस्पर्धा में एक-दूसरे से तेजी से ऊपर की ओर बढ़ते हैं।

कोटा ग्रीन कम्युनिटी के सदस्यों ने इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर कोटा ग्रीन कम्युनिटी के संस्थापक प्रणव राज सिंह खींची सहित मनीष त्रिपाठी, वीर राघवाचार्य, यशस्विनी चौधरी, आर बी गिरी, रितेश जैन, कृष्णा पाराशर, ज्योत्सना सिंह, अचला त्रिपाठी, आकाश कथूरिया, पीयूष बंसल, वीरेंद्र सिंह शक्तावत, विजेश यादव और रामावतार सुमन जैसे पर्यावरणप्रेमी उपस्थित रहे।