यूनिवर्सिटी के छात्रों को मिलेगा तनाव प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास व जीवन कौशल प्रशिक्षण

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कोटा विश्वविद्यालय सहित चार विश्वविद्यालयों ने हार्टफुलनेस ट्रस्ट से किया करार

कोटा। उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कोटा विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के चार विश्वविद्यालयों ने हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते के तहत कोटा विश्वविद्यालय, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय कोटा मिलकर छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए ध्यान, योग, जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित करेंगे।

एमओयू के अंतर्गत नियमित ध्यान सत्र, वेलनेस कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स तथा विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल आयोजित किए जाएंगे। साथ ही शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

यह पहल शिक्षा प्रणाली में मानवीय मूल्यों और आंतरिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक स्थिरता और आंतरिक शांति भी उतनी ही आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि इस सहयोग से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिलेगी। हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से विश्वविद्यालयों में ‘प्राणाहुति’ आधारित ध्यान पद्धति, तनाव प्रबंधन तकनीक और जीवन कौशल आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

‘हार्टफुल कैंपस’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नेतृत्व गुणों के विकास पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही विद्यार्थियों को ट्रस्ट के विभिन्न केंद्रों पर इंटर्नशिप और शोध कार्य के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस पहल के तहत बुनियादी प्रशिक्षण सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

एमओयू के अवसर पर कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सारस्वत, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.एल. वर्मा तथा कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुलगुरु प्रो. विमला डूंकवाल सहित अन्य वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे।