विशुद्धमति माताजी के 77वें अवतरण दिवस पर देश के कोने- कोने से जुटे श्रृद्धालु

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85 जोड़ों के साथ श्री आदिनाथ मंडल विधान हुआ, 126 अर्घ्यों से किया पूजन

कोटा। गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के 77वें अवतरण दिवस महोत्सव का भव्य शुभारंभ सोमवार को तलवंडी स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में हर्षोल्लास के साथ किया गया। अध्यक्ष अशोक पहाडिया ने बताया कि दो दिवसीय इस महोत्सव में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, बिहार, मध्यप्रदेश व राजस्थान समेत कई प्रांतो से सैकडो श्रद्धालु कोटा पहुंचे।

गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी के साथ ब्रह्मविद्या वाचस्पति, प्रज्ञा पद्मिनी करुणामूर्ति पट्टगणिनी आर्यिकारत्न विज्ञमति माताजी ससंघ तथा परम पूज्य गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी एवं विनयश्री माताजी (ससंघ) के पावन सानिध्य में यह महोत्सव आयोजित हुआ।

महामंत्री प्रकाश सामरिया व प्रचारमंत्री राजकुमार लुहाडिया ने बताया कि महोत्सव के प्रथम दिवस की शुरुआत ध्वाजारोहण, सरलीकरण, मंडल शुद्धि, दिग्बंधन, इंद्र प्रतिष्ठा जैसे परंपरागत जैन अनुष्ठानों के विधिवत निष्पादन से हुआ ।

महामंत्री प्रकाश समारिया ने बताया कि दोपहर को उपरांत सर्वार्थसिद्धि प्रदायक आदिनाथ मंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें 85 जोडो द्वारा भगवान श्री आदिनाथ का श्री आदिनाथ महामंडल विधान किया। महिला व पुरूष ने जोडे में गुलाबी रंग के परिधानो में 126 अर्घ्यों से पूजन किया।

इस अवसर पर विज्ञमति माताजी ने कहा कि जैन धर्म में आदिनाथ (ऋषभदेव) प्रथम तीर्थंकर माने जाते हैं और उनकी मंडल विधान विधि सर्वसिद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है। यह विधान भक्तों को कर्म नाश, मोक्ष मार्ग और आध्यात्मिक उन्नति का उपदेश देता है।

जे के जैन ने बताया कि प्रथम दिवस सर्वाधिक आकर्षक एवं भाव विभोर कर देने वाला क्षण था। भव्य जुलूस व संध्याकाल में 539 दीपकों से गुरु माँ विशुद्धमति की भव्य महाआरती की गई।

पुण्यार्जन सौभाग्यशाली धर्मचंद जैन- शकुंतला देवी काला परिवार निवास से भव्य जुलूस यात्रा निकाली गई, जो जाट समाज से होते हुए श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर, तलवंडी मंदिर पहुची। मंदिर परिसर में हजारों दीपकों की रोशनी से पूरा वातावरण दिव्यमय हो उठा।

भक्तिमय वातावरण में भजन-कीर्तन की गूंज के बीच 539 दीपकों की एक साथ आरती का दृश्य अत्यंत मनमोहक एवं आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण था। मंदिर परिसर में उमड़े श्रृद्धालुओं ने भक्तिभाव से आरती में सहभागिता की।