विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर केंद्र की नई नीति से लगेगी लगाम: सांसद खंडेलवाल

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कोटा। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव एवं दिल्ली की चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार कर रही विदेशी कंपनियां एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के नाम पर लूट कर रही हैं।

वे सभी ऐसे कार्य कर रही हैं, जो एफडीआई नीति में प्रतिबंधित हैं। इनमें प्रेडिक्टरी प्राइसिंग, गिफ्ट, डिस्काउंट, लॉस फंडिंग और इन्वेंटरी पर नियंत्रण जैसी प्रथाएं शामिल हैं।

इन सब पर केंद्र सरकार सख्ती बरतने जा रही है। ई-कॉमर्स पर नई नीति एवं उपभोक्ता मामलों के नियम जल्द ही आने वाले हैं।. राष्ट्रीय व्यापार नीति पर भी कार्य चल रहा है।

सांसद खंडेलवाल ने शनिवार को पत्रकारों बताया कि व्यापारियों के कौशल विकास के साथ-साथ उनकी एक ऑनलाइन दुकान भी होनी चाहिए, क्योंकि बाजार उपभोक्ता की मांग के अनुरूप चलता है।

उपभोक्ता की सुविधा के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म विकसित करना जरूरी है, यदि भारतीय व्यापारी यह क्षमता विकसित कर लें, तो उन्हें नुकसान नहीं होगा। केंद्र एवं राज्य सरकारों से इस मुद्दे पर लगातार बातचीत हो रही है। आने वाले समय में एक मज़बूत तंत्र बन जाएगा, जिसके बाद कोई भी विदेशी कंपनी अनियमितता करते हुए पकड़ी जाएगी।

ई-कॉमर्स पर सतर्कता जरूरी: उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से नकली सामान बेचे जाने के मुद्दे पर भी सतर्कता जरूरी है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को भी जागरूक होना पड़ेगा। जब वे असली सामान के पैसे दे रहे हैं, तो घटिया या नकली माल क्यों खरीदें? उपभोक्ता जागरूकता बढ़ेगी, तभी यह अभियान सफल होगा। इसलिए हमने कई उपभोक्ता समूहों, परिवहन, लघु उद्योग एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर एक व्यापक मोर्चा तैयार किया है, ताकि सामूहिक शक्ति से ऑनलाइन विदेशी कंपनियों के प्रतिरोध को मजबूत किया जा सके।

स्वदेशी पर्यटन को मिले बढ़ावा: इस अवसर पर कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि जिस तरह स्थानीय बाजार को उभारने के लिए CAIT काम कर रहा है, उसी तरह स्वदेशी वस्तुओं के साथ स्वदेशी पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग के नाम पर हजारों करोड़ रुपए विदेश में खर्च किए जाते हैं। यह पैसा भारत में ही खर्च होना चाहिए, जिससे यहां व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।