लोकसभा अध्यक्ष और ऊर्जा मंत्री ने भांडाहेड़ा में दी 111 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

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    सिमलिया/कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को भांडाहेडा के खेल मैदान में क्षेत्रवासियों को 111 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान सड़क, पुलिया, उप-स्वास्थ्य केंद्र और जीएसएस जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया।

    समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य हर बुनियादी सुविधा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने परवन सिंचाई परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 तक क्षेत्र के खेतों में पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

    बिरला ने विश्वास दिलाया कि आगामी दो वर्षों में ट्यूबवेल और हैंडपंप की निर्भरता खत्म कर ‘हर घर जल’ योजना के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

    उन्होंने गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण किट वितरण और शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि तीन साल बाद जब वे पुनः जनता के बीच आएंगे, तो क्षेत्र 75 वर्षों के अभावों से मुक्त होगा। उन्होंने जनता के भरोसे को अपनी शक्ति बताते हुए कठिन परिश्रम और सेवा का संकल्प दोहराया।

    ​विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 87.08 करोड़ रुपये की लागत से कोटा-कैथून से अडूसा तक सड़क चौड़ाईकरण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही संपर्क सड़कों का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

    ग्रामीणों की सुविधा हेतु दीगोद-चन्द्रावला, जालिमपुरा-हरिपुरा, चावण्डहेड़ी और दरबीजी में नवनिर्मित पुलियाओं को जनता को समर्पित किया गया। जिससे वर्षा ऋतु में आवागमन की बाधा दूर होगी। साथ ही, ग्राम भौंरा में 55 लाख की लागत से बने उप-स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ होंगी।

    ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि क्षेत्र के विद्युत ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए 5.92 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दो नए 33/11 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) ‘पाचडा’ और ‘नीमोदा’ का शिलान्यास किया।

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन जीएसएस के निर्माण से दर्जनों गांवों के किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से मुक्ति मिलेगी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं से तकनीकी छीजत में कमी आएगी और प्रति वर्ष लगभग 13.42 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जो राजस्व और पर्यावरण दोनों के लिए हितकारी है। मंत्री नागर ने संकल्प दोहराया कि वे किसान के खेत और घर में रोशनी की कमी नहीं आने देंगे।

    इस अवसर पर देहात जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल और दीगोद प्रधान कृष्णा शर्मा, दीगोद मण्डल अध्यक्ष इन्द्र मोहन खंडेलवाल, सिमलिया मण्डल अध्यक्ष उछमा मीणा विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।