लेबनान पर इजरायली हमलों व रक्तपात से ईरान भड़का, होर्मुज समुद्री मार्ग फिर बंद

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तेहरान/इस्लामाबाद। Ceasefire Violation: लेबनान पर इजरायल के हमलों और भीषण रक्तपात से ईरान भड़क गया है। उसने इसे सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है और फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से भी कन्नी काटने के संकेत दिए हैं।

40 दिनों की ईरान जंग के बाद बुधवार (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल) की अगले सुबह जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया, तब पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली लेकिन पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले इस युद्ध विराम को अमेरिकी सहयोगी देश इजरायल ने 24 घंटे से भी कम समय के अंदर फुस्स कर दिया।

दरअसल, इजरायल ने ईरान के सहयोगी लेबनान पर अब तक का सबसे भयानक हमला किया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इजरायली बलों ने लेबनान में हिज्हुल्लाह के ठिकानों पर 10 मिनट के अंदर 100 से ज्यादा हमले किए हैं, जिसमें कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,165 अन्य घायल हो गए हैं। हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर पर भी इजरायली बलों ने मिसाइलें दागीं और बमों की बौछार कर दिए।

लेबनान पर इजरायल के इन हमलों और भीषण रक्तपात से ईरान भड़क गया है। उसने इसे सीजफायर का उल्लंघन करार दिया है और फिर से होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, ईरान ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से भी कन्नी काटने के संकेत दिए हैं।

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने अपने उस सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट कर दिया है, जिसमें उन्होंने वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी डेलीगेट्स के पाकिस्तान में पहुंचने की जानकारी दी थी।

इससे संकेत मिल रहे हैं कि लेबनान पर इजरायल के हमले ने ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता पर न केवल संशय के बादल फेर दिए हैं बल्कि पाकिस्तान के प्लान को भी फुस्स कर दिया है। बता दें कि पाकिस्तान इस सीजफायर के लिए अपनी पीठ थपथपा रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि बुधवार को इजरायली विमानों ने मध्य बेरूत के मज़रा, मनारा, ऐन अल मरेसेह और बरबोर इलाकों के साथ-साथ दक्षिणी उपनगरों के आठ इलाकों पर हमला किया।

तुर्की भी आया समर्थन में
इस बीच, लेबनानी आंदोलन हिजबुल्लाह ने कहा कि इजरायल द्वारा लेबनान पर की गई बमबारी आंदोलन को जवाबी कार्रवाई का अधिकार देती है। उधर, तुर्की ने भी लेबनान पर इजरायल के हमलों की निंदा की है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए हैं। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम लेबनान पर इजरायल के बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा करते हैं जिनके परिणामस्वरूप भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। ये हमले देश में मानवीय स्थिति को और भी बदतर बना रहे हैं।”

इजरायल का सीजफायर उल्लंघन से इनकार
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में घोषित युद्धविराम के बावजूद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार शांति एवं स्थिरता स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार कमजोर कर रही है। बयान में कहा गया कि तुर्की ने लेबनान की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। हालांकि, इजरायल ने लेबनान पर किए अपने हमलों को सीजफायर का उल्लंघन मानने से इनकार कर दिया है। उसका दावा है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान का जिक्र नहीं है। अमेरिका ने भी यही बात कही है, इसलिए इस्लामाबाद वार्ता खटाई में पड़ती दिख रही है।