नई दिल्ली। इस हफ़्ते लाल मिर्च की कीमतों में तेज़ी आई। इसकी वजह अच्छी क्वालिटी वाली मिर्च की अच्छी डिमांड थी, क्योंकि प्रोडक्शन सेंटर्स पर पुरानी उपज का स्टॉक घटिया क्वालिटी का था, और नई उपज की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई। नतीजतन, इस हफ़्ते की शुरुआत में गुंटूर और खम्मम मार्केट में तेजा क्वालिटी वाली मिर्च की कीमत 200-300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गई।
गौरतलब है कि इस हफ़्ते मकर संक्रांति और पोंगल त्योहारों की वजह से मार्केट तीन दिन बंद रहे। पिछले दो सालों में प्रोड्यूसर्स को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिलने की वजह से प्रोडक्शन सेंटर्स पर लाल मिर्च की खेती का एरिया कम होता जा रहा है। बड़े प्रोड्यूसर राज्य आंध्र प्रदेश में इस सीज़न में 259,119 एकड़ में लाल मिर्च की खेती हुई, जबकि 2024 में खेती का एरिया 363,539 एकड़ था।
2023 में 571,722 एकड़ में खेती हुई। तेलंगाना में भी यही हाल था। इस सीजन में तेलंगाना में लाल मिर्च की खेती 138,460 एकड़ में हुई, जबकि 2024 में यह 222,370 एकड़ और 2023 में 341,326 एकड़ थी। मध्य प्रदेश में भी इस साल खेती में 50 परसेंट तक की कमी आई है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि कर्नाटक में खेती का एरिया पिछले साल के मुकाबले 40 परसेंट कम है।
मिली जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के बड़े मार्केट गुंटूर में नई उपज की आवक 20,000-25,000 बैग तक पहुंच गई है। जबकि हैदराबाद में आवक 2,000-2,500 बैग है। खम्मम मार्केट में नई उपज की आवक 7,000-8,000 बैग से शुरू हो गई है, और वारंगल में यह 2,000-3,000 बैग है। सूत्रों का कहना है कि अगले हफ्ते से मार्केट में आवक बढ़ने लगेगी।
कमज़ोर बुआई और खराब मौसम की वजह से, आंध्र प्रदेश में इस सीज़न में लाल मिर्च का प्रोडक्शन लगभग 12.5 मिलियन बैग होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 15 मिलियन बैग होने का अनुमान था। 2023 में 20 मिलियन बैग होने का अनुमान था। लाल मिर्च का प्रोडक्शन कम रहा। प्रोडक्शन लगभग 1.8 से 2 मिलियन बैग बताया जा रहा है, जबकि पिछले साल लगभग 3 मिलियन बैग होने का अनुमान था। सूत्रों का कहना है कि कुल प्रोडक्शन का लगभग 80-85 प्रतिशत मध्य प्रदेश के बाज़ारों में आ चुका है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि लाल मिर्च की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा कम प्रोडक्शन की वजह से है। हालांकि, आने वाले दिनों में नई सूखी मिर्च की आवक बढ़ने पर कीमतों में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है। जैसे-जैसे आवक कम होगी, कीमतें फिर से बढ़ने लगेंगी। सूत्रों का मानना है कि तेजा वैरायटी की लाल मिर्च की कीमत 2026 के दौरान 200 रुपये के लेवल को छू सकती है। अभी गुंटूर मार्केट में तेजा वैरायटी की लाल मिर्च की कीमत 152-154 रुपये बताई जा रही है।
निर्यात
चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के पहले साल में, लाल मिर्च का एक्सपोर्ट क्वांटिटी के हिसाब से 31 परसेंट बढ़ा, जबकि दूसरे मसालों में 9 परसेंट की बढ़ोतरी हुई। स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान 432,436 टन लाल मिर्च एक्सपोर्ट की गई। और एक्सपोर्ट से कमाई Rs. 5886 करोड़ थी। जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान 220,695 टन लाल मिर्च एक्सपोर्ट की गई, और कमाई Rs. 5398.63 करोड़ थी। साल 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान, लाल मिर्च का कुल एक्सपोर्ट 715,506 टन था, और इन एक्सपोर्ट से कमाई 11,404.90 करोड़ थी।

