अध्यक्ष मनोज सोनी एवं सचिव नीरज अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ संभाला पदभार
कोटा। रोटरी क्लब कोटा की ओर से सत्र 2025- 26 में वर्ष पर्यंत रक्त जागृति की मुहिम चलाई जाएगी। साथ ही प्लास्टिक मुक्त कोटा को जनआन्दोलन बनाने के लिए कार्यक्रम किए जाएंगे। रोटरी क्लब कोटा की सत्र 2025- 26 की नवनियुक्त कार्यकारिणी ने मंगलवार को कार्यभार संभाला। इस दौरान सदस्यों ने यह संकल्प व्यक्त करते हुए बर्ष भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी रखी।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज सोनी ने कहा कि रोटरी क्लब कोटा का 66 वर्ष का सेवा का एक स्वर्णिम इतिहास है। क्लब सामाजिक सरोकार के कार्यो में अपनी एक विशिष्ठ पहचान रखता है। उन्होंने बताया क्लब द्वारा नियमित चलायमान सेवा कार्य जैसे जेके लोन हॉस्पिटल में नीकू पीकू वार्ड की देखभाल, न्यू मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपी सेंटर, देवनारायण योजना में देवनारायण रोटरी पब्लिक स्कूल समेत विभिन्न प्रकल्पों को निर्बाद्ध संचालित किया जाएगा।
सचिव नीरज अग्रवाल ने बताया कि बहुत जल्द मानव सेवा अस्पताल, गोबरिया बावड़ी पर क्लब द्वारा लगाई गई 6 डाइलिसिस मशीनें कार्य करना प्रारम्भ कर देंगी। जहाँ निशुल्क डाइलिसिस सेवा जरूरतमंदों को प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष पर्यन्त क्लब द्वारा प्लास्टिक की थैली उपयोग नहीं करने एवं घर से कपड़े का थैला ले जाने की अलख जगाई जाएगी। रक्त जागृति अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत रक्तदान शिविर के साथ साथ आमजन में रक्त दान के महत्व को बताने पर भी जोर दिया जाएगा।
कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व विधिवत् पूजन किया गया। वहीं आगामी कार्यक्रमों के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष उमेश गोयल, उपाध्यक्ष अनुपम शर्मा, दीपक मेहता, निवर्तमान अध्यक्ष मुकेश व्यास, वर्ष 2025-26 की रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रज्ञा मेहता, रोटरी कम्युनिटी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी, प्रेसिडेंट इलेक्ट लक्ष्मण सिंह खींची, दीपक भार्गव एवं संजय गोयल उपस्थित रहे।
इच वन टीच वन अभियान से जगाएंगे शिक्षा की अलख
प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि क्लब द्वारा संचालित देवनारायण रोटरी पब्लिक स्कूल जहाँ बच्चों को औपचारिक शुल्क पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध करवाई जाती है। यहां सदस्यों के साथ साथ आमजन से भी “ईच वन टीच वन” के स्लोगन के माध्यम से मात्र ₹7,000 में एक बच्चे की वर्षभर की शिक्षा को प्रायोजित करने का निवेदन किया जाएगा।पौधरोपण का कार्यक्रम भी विराट स्तर पर किया जाएगा। जिसके अंतर्गत पौधरोपण ही नहीं बल्कि जब तक वह स्वपोषी ना हो जाए, उसको सहेजने का कार्य भी किया जाएगा।

