रिलायंस इंडस्ट्रीज ला रही देश का सबसे बड़ा IPO, 41 लाख निवेशकों की होगी चांदी

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नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में है। एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस अपनी टेलीकॉम कंपनी जियो इन्फोकॉम का आईपीओ ला रही है। IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग। इसका मतलब है कि कंपनी पहली बार अपने शेयर आम लोगों को बेचेगी।

Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस इस कंपनी में सिर्फ 5% हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इससे कंपनी को 6 अरब डॉलर यानी लगभग 52,200 करोड़ रुपये मिलेंगे। अगर ऐसा होता है, तो यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा IPO होगा। अब तक यह रेकॉर्ड हुंडई इंडिया है जिसका पिछले साल आया आईपीओ 2,8000 करोड़ रुपये का था।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी इस बारे में मार्केट रेगुलेटर सेबी से बात कर रही है। नियमों के अनुसार कंपनी को कम से कम 25% शेयर आम लोगों को बेचने होते हैं। लेकिन रिलायंस का कहना है कि बाजार में इतने ज्यादा शेयर खरीदने वाले लोग नहीं हैं।

इस आईपीओ से मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक) और अल्फाबेट इंक (गूगल) जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा होगा। इन कंपनियों ने 2020 में रिलायंस के डिजिटल कारोबार में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया था। उस समय जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू 58 बिलियन डॉलर आंकी गई थी। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार शामिल हैं।

एजीएम पर नजर
हालांकि, कुछ समय पहले रॉयटर्स ने खबर दी थी कि रिलायंस इस साल जियो का आईपीओ नहीं लाएगी। जानकारों का मानना है कि जियो की वैल्यू 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। जियो चाहती है कि आईपीओ लाने से पहले उसकी कमाई और ग्राहक बढ़ें। साथ ही, वह अपने डिजिटल कारोबार को भी बढ़ाना चाहती है, ताकि उसकी वैल्यू और बढ़ सके। अब सबकी नजरें रिलायंस की AGM पर हैं। इसमें कंपनी के कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होती है।

हालांकि अभी तक AGM की तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन इसके अगस्त में होने की उम्मीद है। Citi ने एक रिपोर्ट में कहा है कि रिलायंस की AGM में सबकी नजरें जियो की लिस्टिंग पर होंगी। इसमें देरी की खबरें आ रही हैं। लेकिन यह भी हो सकता है कि सेबी लिस्टिंग के नियमों में कुछ बदलाव करे, जिससे जियो को फायदा हो। 2025 की शुरुआत में रिलायंस के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।

कहां तक जाएगी कीमत
कई ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयरों के टारगेट प्राइस में कमी की है। लेकिन जानकारों का कहना है कि दूसरी तिमाही में O2C और रिटेल यूनिट्स में सुधार देखने को मिल सकता है। Macquarie ने रिलायंस के शेयरों को ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 1,580 रुपये रखा है। उनका कहना है कि AGM में अच्छी खबरें आएंगी, जिससे RIL के शेयर की कीमत को सपोर्ट मिलेगा।