राजस्थान में नकली नोट बनाने की फैक्ट्री पकड़ी, पौने दो करोड़ रुपये बरामद

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बीकानेर। जिला पुलिस ने नकली नोटों के खिलाफ प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पौने दो करोड़ के नकली नोट का जखीरा पकड़ा है। अब तक पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश के नेतृत्व में नकली नोटों को पकड़ने की कार्रवाई की गई। जिला पुलिस ने बीकानेर के कोटगेट, जेएनबीसी थाना इलाके और नोखा, लूणकरणसर में छापेमारी की है, जो देर रात तक जारी थी। छापेमारी की कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली नोट मिले हैं।

इन नोटों को गिनने के लिए पुलिस को नोट गिनने की मशीन भी मंगवानी पड़ी। पुलिस को 2000 और 500 के करीब पौने दो करोड़ के जाली नोट मिले हैं। नोट छापने के लिए काम में आ रही प्रिटिंग मशीन, स्कैनर, कटिंग मशीन को भी बरामद गया है।

जानकारी के मुताबिक, नकली नोटों को चलाने के मामले में चार युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। तभी से पुलिस अन्य आरोपियों की धरपकड़ में जुटी थी। बीकानेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश, पुलिस अधीक्षक योगेश यादव और एएसपी सिटी अमित कुमार के नेतृत्व में देर रात दो जगह छापेमारी की। गई। दोनों ही जगह पर नकली नोट बनाने की फैक्ट्री चल रही थी।

पूरे देश में फैला है नेटवर्क: आईजी ओमप्रकाश ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला है। ये हवाला के जरिए नकली नोट भेजते थे। नकली नोट को खपाने के लिए यह गिरोह बड़े ही शातिराना अंदाज में पहले हवाला कारोबारियों को फोन कर अपने जाल में फंसाता था। फिर नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट रखते थे। उनके बीच में नकली नोट होते थे।

डिलीवरी देने के बाद अपना फोन बंद कर लेते थे। पुलिस को इनके पास सैकड़ों फर्जी सिम मिले है। हवाला व्यापारियों से गिरोह का मुख्य सरगना चम्पालाल शर्मा बताया गया है। यह ही व्हाट्सअप कॉल करके हवाला कारोबारियों के संपर्क में रहता था। पार्टी को विश्वास में लेकर नोटों की डिलीवरी पॉलीथिन में पैक करके देता था।

पार्टी के ज्यादा सवाल जवाब करने पर डिलीवरी देने से इनकार भी कर देता था। उसके एवज में मिलने वाली धनराशि को ये आपस में बांट लिया करते थे। यह गिरोह अभी तक 2 करोड़ 70 लाख से ज्यादा नकली करेंसी खपा चुके है। साथ ही यह गिरोह करोड़ों की नकली नोट भारतीय बाजार में चला चुका है।