राजस्थान में दो दिन बाद फिर बरसेंगे बदरवा, 10 जिलों में बारिश का अलर्ट

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जयपुर। राजस्थान में बारिश का दौर थमने के बाद मौसम में अब बदलाव का असर साफ नजर आने लगा है। राज्यभर में दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में कुछ जिलों से मानसून की विदाई संभव है, लेकिन उससे पहले 10 जिलों में एक बार फिर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 18 सितंबर से इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। जयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर और श्रीगंगानगर जैसे शहरों में दिनभर तेज धूप खिली रही। सबसे अधिक गर्मी श्रीगंगानगर में दर्ज की गई, जहां दिन का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

इसके अलावा चूरू में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री, बीकानेर में 36, फलोदी में 35.6, हनुमानगढ़ में 36.4, दौसा में 35.2, झुंझुनूं में 35, बाड़मेर में 35.4, चित्तौड़गढ़ में 35.8, पिलानी में 36.5 और अलवर में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, राजधानी जयपुर का तापमान 35 डिग्री रहा। सीकर में 34.5, कोटा और करौली में 34.7, अजमेर और जोधपुर में 33.4, भीलवाड़ा में 33.7, जैसलमेर में 34.4, जबकि जालोर का तापमान सबसे कम 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों में कुछ जिलों से मानसून की विदाई हो सकती है। वर्तमान परिस्थितियां मानसून के लौटने के अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मानसून की पूरी तरह से विदाई में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं। फिलहाल, 18 सितंबर से 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।

इस बार राजस्थान में मानसून ने औसत से ज्यादा बरसात दी है। अब तक प्रदेश में सामान्य से 68 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। यही वजह है कि कई जिलों में बांध और जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं। वहीं, किसानों के लिए यह बरसात खासा फायदेमंद साबित हुई है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में धूप और रात में हल्की ठंड का असर अब दिखाई देने लगा है। यह बदलाव मानसून के धीरे-धीरे लौटने का संकेत है। अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में दिन में तेज गर्मी झेलनी पड़ रही है, जबकि रात में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो रहा है।

बारिश के अलर्ट से किसानों को जहां एक ओर फसल की सिंचाई के लिए राहत मिलेगी, वहीं तेज बरसात की स्थिति में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल नमी की स्थिति अच्छी है, ऐसे में अतिरिक्त बरसात की जरूरत बहुत अधिक नहीं है।