जयपुर। राजस्थान में इस बार दक्षिण- पश्चिम मानसून पूरी तरह मेहरबान है और जून के अंतिम सप्ताह से ही वहां जोरदार बारिश रुक-रूककर हो रही है। इससे किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई की रफ्तार तेज रखने में अच्छी सफलता मिल रही है।
राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि राजस्थान में इस वर्ष 23 जुलाई तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 144.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 133.81 लाख हेक्टेयर से 10.58 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। वहां सोयाबीन को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख फसलों के क्षेत्रफल में वृद्धि देखी जा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान एवं मोटे अनाजों का उत्पादन क्षेत्र 56.19 लाख हेक्टेयर से उछलकर 60.19 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र 2.41 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.90 लाख हेक्टेयर, ज्वार का 5.97 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 6.40 लाख हेक्टेयर, बाजरा का 38.44 लाख हेक्टेयर से उछलकर 41.38 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 9.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.49 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।
इसी तरह राजस्थान में दलहनों का उत्पादन क्षेत्र भी 29.28 लाख हेक्टेयर से उछलकर 34.10 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसके तहत खासकर मूंग का बिजाई क्षेत्र 19.14 लाख हेक्टेयर से उछलकर 22.20 लाख हेक्टेयर, मोठ का 6.65 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.27 लाख हेक्टेयर, चौला का 52 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 58 हजार हेक्टेयर तथा तुवर का बिजाई क्षेत्र 3 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 13 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर उड़द का रकबा 2.93 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.92 लाख हेक्टेयर रह गया।
तिलहन फसलों की बिजाई में करीब 16 हजार हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 20.68 लाख हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 20.84 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है।
इसके तहत तिल का बिजाई क्षेत्र 1.68 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.76 लाख हेक्टेयर, मूंगफली का क्षेत्रफल 8 लाख हेक्टेयर से उछलकर 9.24 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का रकबा 13 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 22 हजार हेक्टेयर हो गया मगर सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 10.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.62 लाख हेक्टेयर रह गया।
नकदी या औद्योगिक फसलों में कपास का उत्पादन क्षेत्र 5.02 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.27 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का क्षेत्रफल 19.56 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 19.99 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। राजस्थान मूंग, कपास एवं ग्वार का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।

