वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट बहस में विपक्ष को दिया करारा जवाब
जयपुर। राजस्थान में बजट बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कई अहम घोषणाएं कर कर्मचारियों, युवाओं और किसानों को बड़ी सौगातें दीं। बजट रिप्लाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों, इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और शिक्षा क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता दे रही है।
कर्मचारियों को राहत
वित्त मंत्री ने सरकारी कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब ट्रेनिंग की दो वर्ष की अवधि के दौरान यदि किसी कर्मचारी का चयन केंद्र या राज्य की दूसरी नौकरी में हो जाता है तो उसे मौजूदा पद छोड़ने पर वेतन और भत्तों की वसूली नहीं करनी होगी। अब तक ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को प्रशिक्षण अवधि का वेतन लौटाना पड़ता था, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता था।
इसके साथ ही राज्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक इंश्योरेंस कवर देने की घोषणा की गई। मंत्री ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जिस वर्ष कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, उसी वर्ष 1 अप्रैल को उसकी स्टेट इंश्योरेंस पॉलिसी परिपक्व हो जाती है।
इससे कर्मचारी रिटायरमेंट की वास्तविक तिथि तक बीमा सुरक्षा से वंचित रह जाता है। नई व्यवस्था में एक्सटेंडेड इंश्योरेंस मेच्योरिटी लागू कर रिटायरमेंट की तारीख तक पूर्ण बीमा कवर सुनिश्चित किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
सरकार ने पेयजल और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। पुराने पेयजल पाइपलाइन बदलने के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि 220 करोड़ रुपये के नए पेयजल कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
खेती तक पहुंच आसान बनाने के लिए खेतों तक रास्ते हेतु 20 फीट तक सरकारी भूमि की पट्टी आवंटित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए डीएलसी की दोगुनी दर से भुगतान करना होगा। मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर खातेदारी भूमि और सड़क के बीच सरकारी भूमि होने से अप्रोच रोड नहीं बन पाता, जिससे किसानों को दिक्कत होती है। नई व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होगा और कृषि भूमि का उपयोग सुगम बनेगा।
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve में सफारी सुविधाओं के विकास पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा नए वेटरनरी अस्पताल और सब सेंटर खोले जाएंगे। बीकानेर जिले के लूणकरणसर में मिनी सचिवालय के निर्माण की भी घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
शिक्षा और युवाओं के लिए विशेष घोषणाएं
शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन पर जोर देते हुए Indian Institute of Information Technology Kota में नए कोर्स शुरू करने की घोषणा की गई। साथ ही कोटा ट्रिपलआईटी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 75 हजार बच्चों की आंखों की जांच कर उन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर की गई है, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
इसके अलावा अंबेडकर ओबीसी छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाने का ऐलान किया गया है, जिससे पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा में राहत मिलेगी।
समावेशी विकास पर जोर
वित्त मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है। बजट में किए गए प्रावधानों के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता, कर्मचारियों का मनोबल, किसानों की सुविधा और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
बजट बहस के दौरान सत्तापक्ष ने इन घोषणाओं को ऐतिहासिक बताते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि विपक्ष ने क्रियान्वयन की समयसीमा और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए। हालांकि, वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
कुल मिलाकर, बजट रिप्लाई में की गई ये घोषणाएं कर्मचारियों, किसानों और विद्यार्थियों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई हैं, जिनका असर आगामी समय में प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे पर दिखाई देगा।

