रक्षाबंधन पर्व होगा मुनिरक्षा, धर्मरक्षा एवं वात्सल्य दिवस के रूप में आयोजित

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कोटा। कोटा में इस बार रक्षाबंधन पर्व को केवल भाई-बहन के प्रेम तक सीमित न रखते हुए इसे मुनिरक्षा, धर्मरक्षा एवं वात्सल्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह आचार्य प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य एवं निर्देशन में संपन्न होगा।

गुरु आस्था परिवार इसकी प्रमुख भूमिका निभा रहा है, जबकि दिगंबर जैन समाज, महावीर नगर प्रथम सहयोगी संस्था है और समन्वय श्री सकल दिगंबर जैन समाज समिति, कोटा द्वारा किया जा रहा है। आयोजन के चेयरमैन यतीश जैन खेडावाला ने कहा कि 10 अगस्त को सुबह 8.30 बजे गुरूदेव के सानिध्य में वृक्षाबंधन बनाया जाएगा। मोहन वाटिका महावीर नगर प्रथम में गुरूदेव वृक्षो का पूजन कर रक्षासूत्र बांधेगे और श्रावको से वृक्षरक्षा का संकल्प दिलवायेंगे।

यतीश जैन खेडावाला व अध्यक्ष लोकेश जैन ने बताया कि 9 अगस्त को सुबह 7:30 बजे प्रज्ञालोक परिसर में 70 युगल श्रद्धालु 700 मुनिराजों के चरणों में श्रीफल अर्पित करेंगे। महामंत्री नवीन जैन दौराया ने कहा कि सुबह 10 बजे पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (सफेद मंदिर) में 70 राज परिवारों के 700 श्रावक आचार्यश्री का पंक्तिबद्ध पड़गाहन करेंगे। जिस राजा द्वारा पड़गाहन किया जाएगा, चौका उसी का माना जाएगा।

आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी मुनिराज ने कहा कि यह पर्व भगवान श्रेयांशनाथ के मोक्ष कल्याणक तथा मुनि विष्णुकुमार द्वारा अकंपनाचार्य और 700 मुनि शिष्यों की रक्षा की स्मृति में समर्पित है। 70 दंपत्तियों द्वारा 700 मुनिराजों को श्रीफल अर्पण इसी का प्रतीक है।

बिना इच्छा किया गया दान फलित नहीं होता
गुरुदेव ने प्रवचन में कहा कि लोभी पुरूष का दान कभी भी शोभनीय नहीं होताहै। यदि कोई आपके बार-बार कहने के बाद दान करें या बिना इच्छा से दान करे तो उसका दान फलित नहीं होता है। पडगाहन के समय नवद्या भक्ति से किस प्रकार आहर के लिए गुरू को आमंत्रित करना चाहिए इसी सम्पूर्ण व्याख्या की।