कोटा। यूजीसी द्वारा हाल ही में लाए गए नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज कोटा की अहम बैठक इंदिरा विहार स्थित जवाहर नगर थाने के सामने आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामान्य वर्गों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में केंद्र सरकार के इस कदम को छात्र हितों के साथ खिलवाड़ बताया।
इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बैठक में ब्राह्मण, वैश्य, सिंधी और कायस्थ समाज सहित सामान्य वर्ग के 250 से अधिक गणमान्य नागरिक और प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्य संयोजक हुकुम मंगल ने घोषणा की कि इस कानून के विरोध में 25 फरवरी को नए कोटा में प्रदर्शन किया जाएगा।आंदोलन के तहत जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपने, जनजागरूकता अभियान चलाने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर सहमति बनी है।
बैठक में हुकुम मंगल ने कहा कि यह कानून न केवल सामान्य वर्ग के अधिकारों का हनन है, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य के साथ भी अन्याय है। जब तक सरकार इसे वापस नहीं लेती, हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सुझाव दिया कि इस मुद्दे को केवल कोटा तक सीमित न रखकर संभाग स्तर पर ले जाया जाए। 25 फरवरी के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए टोलियां बनाई गई हैं। जो घर-घर जाकर समाजबंधुओं को जागरूक करेंगी। आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि पूरा आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहेगा।

