कोटा। नीट-2026 की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए बुधवार को मोशन एजुकेशन ने बहुप्रतीक्षित ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘वज्र’ टेस्ट सीरीज जारी कर दी। यह दोनों टेस्ट सीरीज उन स्टूडेंट्स के लिए डिज़ाइन की गई हैं जो अंतिम महीनों में अपनी तैयारी को एग्जाम पैटर्न के अनुकूल और अधिक धारदार बनाना चाहते हैं। टेस्ट 4 जनवरी से शुरू होंगे।
दक्ष कैंपस में आयोजित लॉन्चिंग समारोह में नीट डिवीजन के सीनियर फेकल्टीज ने पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान मोशन एजुकेशन के फाउंडर और सीईओ नितिन विजय ने छात्रों को नियमित टेस्ट प्रैक्टिस की अहमियत समझाते हुए कहा कि नीट जैसी प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता सिर्फ एनसीईआरटी पढ़ने से नहीं मिलती।
सफलता का असली राज लगातार टेस्ट देना है। अगर छात्र समय रहते अपनी गलती पकड़ लेता है तो असली परीक्षा में वही गलती नहीं होती। जितने ज्यादा टेस्ट दोगे, उतनी ही स्पीड और एक्यूरेसी बढ़ेगी। एग्जाम जैसा माहौल और समय सीमा में प्रैक्टिस आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती है और एग्जाम का डर खत्म हो जाता है।
ज्वाइंट डायरेक्टर अमित वर्मा ने बताया कि ब्रह्मास्त्र और वज्र, दोनों टेस्ट सीरीज को पिछले वर्षों में नीट के ट्रेंड के गहरे विश्लेषण और शोध के बाद तैयार किया गया हैं। इसमें सिर्फ वही सवाल शामिल किए गए हैं जो नीट परीक्षा के डिफिकल्टी लेवल और पैटर्न से मेल खाते हों।
उन्होंने बताया कि नीट जैसी परीक्षा में सब्जेक्ट मास्टरी ही टॉप रैंक का आधार होती है। इसलिए वज्र टेस्ट सीरीज के तहत सब्जेक्ट वाइज टेस्ट होते हैं। दरअसल, वज्र टेस्ट सीरीज को खासतौर पर उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो यह जानना चाहते हैं कि उनका कौन-सा विषय उनकी कुल तैयारी को पीछे खींच रहा है।
विषयवार प्रश्नपत्रों से स्टूडेंट्स को अपने कमजोर क्षेत्रों की सटीक पहचान होती है। उच्च-स्तरीय सवालों के कारण कॉन्सेप्ट क्लैरिटी और प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी सुधरती है।
दूसरी ओर ब्रह्मास्त्र टेस्ट सीरीज नीट स्टूडेंट्स को तीनों विषय एक साथ संभालने की ताकत देती है। यह सीरीज फुल-लेंथ कॉम्बाइंड पेपर देकर छात्रों को वही प्रेशर, टाइम मैनेजमेंट और वही मानसिक अनुशासन महसूस कराती है जो मुख्य परीक्षा में जरूरी होता है।
इसलिए जो छात्र तैयारी के बावजूद यह महसूस करते हैं कि असली एग्जाम जैसा प्रेशर नहीं बन पा रहा, वे ब्रह्मास्त्र में शामिल हो सकते हैं। मुख्य परीक्षा के नजदीक आते-आते छात्रों को जिस फुल एग्जाम रिद्म की जरूरत होती है, ब्रह्मास्त्र उसको विकसित करता है।

