मोक्ष सप्तमी महोत्सव पर मंदिर परिसर में बनेगा 18 फीट ऊंचा सम्यक शिखर जी पर्वत

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कोटा। गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी एवं आर्यिका विनयश्री माताजी (ससंघ) के सान्निध्य में मोक्ष सप्तमी महोत्सव का भव्य आयोजन 31 जुलाई गुरुवार को कोटा के विज्ञान नगर स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न होगा।

अध्यक्ष राजमल पाटौदी ने बताया कि इस विशेष अवसर पर आर्यिका विभाश्री माताजी व आर्यिका विनयश्री माताजी 13 पिच्छियों सहित विराजमान रहेंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत महेन्द्र, सौधर्म, कुबेर, सनत कुमार व श्रावक श्रेष्ठी सहित 50 प्रमुख पात्रों का चयन किया गया है।

अभिषेक और सहस्त्रनाम से होगी शुरुआत
महोत्सव की जानकारी देते हुए महामंत्री अनिल ठोरा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:00 बजे 1008 नामों के साथ अभिषेक, शांतिधारा एवं सहस्त्रनाम अभिषेक से होगा। इसके बाद प्रातः 8:00 बजे सम्मेद शिखर विधान एवं पर्वत की प्रतीकात्मक रचना के अंतर्गत 23 किलो का मुख्य निर्वाण लाडू अर्पण किया जाएगा।

अर्पण की यह विशेष क्रिया 25 श्रद्धालु भक्त मंडलों द्वारा की जाएगी, जो भक्ति, भावना और समर्पण की अनुपम छटा बिखेरेगी। भगवान पार्श्वनाथ 23वें तीर्थंकर थे इसलिए विभिन्न जैन मंदिरों से 23 लाडू मंगवाये जा रहे है ओर श्रेष्ठ लाडू को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

सम्यक शिखर पर्वत की प्रतीकात्मक भव्य रचना
मनोज जैसवाल ने बताया कि आयोजन का मुख्य आकर्षण विज्ञान नगर मंदिर परिसर में बनने वाला सम्यक शिखर जी पर्वत रहेगा। 60 बाय 60 फीट क्षेत्र में तैयार की जा रही इस रचना की ऊंचाई 18 फीट होगी। पर्वत में 26 निर्वाण टोंकों, गुफा मार्ग, चैत्यालय कुंड, जल मंदिर, शीतल नाला और गंधर्व नाला को भी स्थान दिया गया है।
श्रद्धालु गुफा मार्ग से होते हुए सभी टोंकों के दर्शन करते हुए सर्वोच्च 26वें टोंक तक पहुंचेंगे और वहाँ 23 किलो ग्राम का मुख्य निर्वाण लाडू अर्पित करेंगे।

लाडू थाल सजाओ प्रतियोगिता
पी के हरसौरा ने बताया कि आयोजन में लाडू थाल सजाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा जिसमें श्रद्धालु कलात्मक ढंग से थाल सजाकर सहभागी बनेंगे। साथ ही 51 कन्याएं निर्जल उपवास कर सामायिक करेंगी। पंचकुड शिला पर भगवान का विशेष अभिषेक होगा।