मेंटेनेंस के नाम पर शहर में घंटों बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं होगी: ऊर्जा मंत्री

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ऊर्जा मंत्री ने ली विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक, केईडीएल अफसरों को लगाई फटकार

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को सर्किट हाउस में पीडब्लूडी, पीएचईडी, सीएडी, जल संसाधन और विद्युत समेत विभिन्न विभागों की बैठक ली। उन्होंने गत बजट में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने को लेकर चर्चा की। वहीं आगामी बजट प्रस्तावों को लेकर भी सुझाव लिए।

इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने बिजली फ्रेंचाइजी कंपनी केईडीएल के अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य को बुलाकर फटकार लगाई। मंत्री नागर ने कहा कि मेंटेनेंस के नाम पर घंटों तक शटडाउन लिया जा रहा है।

मेंटेनेंस के नाम पर घंटों तक होने वाली बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस काम को कुछ समय में संपन्न किया जा सकता है उसके लिए घंटों तक शहरवासियों की बिजली बंद रखी जाती है। यह शहर के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में डिमांड के अनुसार बिजली आपूर्ति और विद्युत संसाधनों की उपलब्धता की भी जानकारी ली।

ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि शहर में जहां कहीं भी बिजली उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो, उसकी पूर्ति कराई जाएगी। जहां जीएसएस बनाए जाने की जरूरत हो तो उसको लेकर भी प्रस्ताव भेजें।

मंत्री नागर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछले दो महीने में लिए गए शटडाउन का पूरा ब्यौरा कार्यालय को भिजवाएं। शटडाउन किसने मांगा था और उस शटडाउन के दौरान क्या काम किए गए? इसकी पूरी जानकारी दी जाए।

मंत्री नागर ने कहा कि कोटा शहर समेत संपूर्ण जिले में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति हमारी प्राथमिकता है। इसमें कोई बाधा आए, इससे समझौता नहीं किया जा सकता है।

मंत्री नागर ने बाढ़ राहत के तहत विद्यालयों एवं सरकारी भवनों में स्वीकृत राशि की क्रियान्विति पर चर्चा की। दीगोद बस स्टैंड की जमीन आवंटन को लेकर आ रही बाधाओं पर भी बात हुई।

वहीं कनवास बस स्टैंड की जमीन आवंटन के पश्चात जल संसाधन विभाग द्वारा एनओसी नहीं दिए जाने के संबंध में अधिकारियों से बात की। सांगोद विधानसभा के चतरपुरा, जोगड़ा, बैसार, हिंगी समेत विभिन्न गांवों में बारिश के पानी के डायवर्शन को लेकर भी चर्चा की गई।

सीमल्या में सीएडी की जमीन पर बनेगी सीएचसी
मंत्री नागर ने सीमल्या में प्रस्तावित सीएचसी के लिए सीएडी को जमीन आवंटित करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मंत्री नागर ने कहा कि सिमलिया में यह जमीन हाईवे पर मौजूद है और कोटा बारां के बीच महत्वपूर्ण जगह पर है। इस सीएचसी को भविष्य में ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित किया जा सकता है।

स्कूलों में आपदा राहत के काम पीडब्ल्यूडी को
बैठक में ऊर्जा मंत्री नागर ने स्कूलों में आपदा राहत के तहत होने वाले कामों को पीडब्ल्यूडी से करने के निर्देश दिए। मंत्री नागर ने बताया कि आपदा राहत के तहत स्कूलों में 2 लाख रुपए दिए गए थे। जिनसे छतों की रिपेयरिंग और मेंटेनेंस कराई जानी थी। इन कार्यों को करने के लिए टेंडर किए, लेकिन निविदा प्राप्त नहीं हो रही थी। अब उन्हें पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं इन कामों को टेंडर लगाकर बरसात से पहले ही सभी छतों की रिपेयरिंग करने के लिए कहा है।

गुणवत्ता और कार्यशेली में सुधार हुआ
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि लगातार मॉनिटरिंग के कारण अब गुणवत्ता और कार्यशैली में सुधार देखने को मिल रहा है। अधिकारी सावचेती के साथ मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं ठेकेदार भी गुणवत्तापूर्ण काम करने की कोशिश करने लगे हैं। आने वाले समय में भी निगरानी रखी जाएगी। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कमजोर गुणवत्ता के कामों के पेमेंट रोके गए हैं और संबंधित फार्म को ब्लैकलिस्टेड किया गया है अगर कहीं पर भी अधिकारियों की ठेकेदार के साथ मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।