मुश्किलों को फतह करने का एक दृढ़ संकल्प होता है महिलाओं में : बिरला

0
580

कोटा। जमाना तेजी से बदल रहा है। वह दिन बीत चुके हैं जब महिलाओं को समानता देने की बात की जाती थी। अब महिलाएं हर क्षेत्र की अग्रिम पंक्ति में नेतृत्व दे रही हैं। यह बात शुक्रवार को जेसीआई कोटा किंग्स व राजस्थान पुलिस के महिला सशक्तिकरण अभियान “आवाज” में लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कही।

बिरला ने कहा कि एक महिला के व्यक्तित्व में आपको सभी गुण दिखाई देंगे उसमें करुणा है, ममता है, दया है तो मुश्किलों को फतह करने का एक दृढ़ संकल्प भी है। यही कारण है की आजादी से पूर्व हमारे देश की महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में न सिर्फ बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि कुर्बानी भी दी। आज भी महिलाओं को देश सेवा के क्षेत्र में बढ़-चढ़कर योगदान देते हुए देखा जा सकता है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण जैन ने कहा कि इस अभियान का प्रयास है कि हम महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनको अपनी आत्मरक्षा के लिए भी तैयार कर सकें। इस कार्य में सामाजिक संस्थाएं पुलिस का सहयोग कर रही हैं जो कि सामाजिक दायित्वों की पूर्ति की दिशा में एक सराहनीय योगदान है। कार्यक्रम को जेसीआई कोटा किंग्स के अध्यक्ष विशाल जोशी तथा सचिव ने भी संबोधित किया।

लाेकसभा स्पीकर ने शुक्रवार काे शक्ति नगर स्थित कैंप कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दाैरान विभिन्न संगठन व व्यक्ति अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचे। नर्सेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में नर्सेज ने बिरला से मुलाकात की और बताया कि न्यू मेडिकल कॉलेज हाॅस्पिटल में 10 वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे नर्सेज की सेवाएं राजस्थान सरकार द्वारा समाप्त की जा रही है। यह सुनकर एक बारगी बिरला भी अचंभित हुए और उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है?

हाड़ौती के सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने भी बिरला से मुलाकात कर पिछले 2 सालों में केंद्रीय वित्त आयोग की राशि के अतिरिक्त राज्य वित्त आयोग का एक भी रुपया ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नहीं करने की शिकायत की। सरपंच संघ ने बताया कि यहां तक कि राज्य वित्त आयोग पंचम की द्वितीय-तृतीय किस्त की राशि 4000 करोड़ रुपए ग्राम पंचायतों को हस्तातरित नहीं की गई है, इसके अतिरिक्त छठे वित्त आयोग का अब तक गठन ही नहीं किया गया है।