कोटा। मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, त्रिकाल चौबीसी परिसर, आर.के.पुरम के तत्वावधान में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी एवं विनयश्री माताजी के सान्निध्य में 22 फरवरी से 3 मार्च तक सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन प्रारंभ हुआ।
आयोजन का उद्देश्य आत्मशुद्धि, संयम तथा धर्मभावना को सुदृढ़ करना है। इसके अंतर्गत प्रतिदिन विधिविधानपूर्वक महामंडल विधान, पूजन, ध्यान, भक्ति एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
समिति अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि आयोजन के प्रथम दिन मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात घटयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष पीले वस्त्र धारण कर भगवान महावीर के जयघोष करते हुए सम्मिलित हुए।
घटयात्रा आर.के.पुरम जैन मंदिर क्षेत्र के समीप निकाली गई। इस अवसर पर सकल जैन समाज के संरक्षक राजमल पाटोदी, विमल जैन नांता, विनोद तोरडी, अध्यक्ष प्रकाश बज, पदम दुगरिया, अंकित जैन, मुकेश पापड़ीवाल, अक्षय जैन, संजय जैन सहित कई लोग उपस्थित रहे।
समिति उपाध्यक्ष लोकेश जैन बरमुंडा ने बताया कि दोपहर में इंद्रो को हल्दी का आयोजन संपन्न हुआ। इसके उपरांत गुरु भक्ति एवं महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
समिति निर्देशक विनोद टोरडी एवं संयोजक पदम जैन दुगरिया ने जानकारी दी कि ध्वजारोहण का सौभाग्य एडवोकेट राजेन्द्र कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि मंडप उद्घाटन मधुरानी, मैना एवं दौलत जैन सावला परिवार द्वारा किया गया।
मुख्य मंगल कलश स्थापना विमला, निशांत-शिवांगी जैन परिवार ने की। कार्याध्यक्ष प्रकाश सेठिया ने बताया कि विधान कार्यक्रम में विधानाचार्य पं. जितेन्द्र शास्त्री एवं सह-विधानाचार्य पं. रविन्द्र शास्त्री तथा स्वतंत्र जैन का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

