नई दिल्ली। विगत सप्ताहों के विपरीत 27 दिसम्बर- 2 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों के थोक मंडी मूल्य में भारी उठा-पटक नहीं देखी गई और सामान्य कारोबार के साथ इसका भाव या तो स्थिर या 25-50 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा।
42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 6900 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 7100 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। लेकिन तमाम मंडियों में सरसों का दाम अब भी सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है। उत्तर प्रदेश के आगरा एवं हापुड़ में कीमत 25-50 रुपए सुधर गई।
सरसों तेल
कमजोर कारोबार के बीच सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी के दाम में नरमी का माहौल देखा गया। दिल्ली के एक्सपेलर का भाव 5 रुपए फिसलकर 1410 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई एवं लुधियाना में 20-20 रुपए घटकर क्रमश: 1460 रुपए एवं 1410 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। उधर कोटा में कच्ची घानी सरसों तेल की कीमत 65 रुपए की भारी गिरावट के साथ 1405 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गई।
स्टॉक
सरसों की आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा है। उत्पादकों, व्यापारियों, तेल मिलर्स एवं निर्यातकों के पास सरसों का सीमित स्टॉक बचा हुआ है लेकिन अगले महीने से नई सरसों की आवक शुरू हो जाने की संभावना है। इसे देखते हुए जनवरी में किसान अपने स्टॉक की बिक्री बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं। सरसों के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और फसल की हालत भी संतोषजनक बताई जा रही है।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल एवं डीओसी में कारोबार कमजोर रहा जिससे इसकी कीमत नरम पड़ गई। सरसों खल की कीमतों में कहीं-कहीं 80 से 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट देखी गई जबकि कानपुर में एक प्लांट में सरसों डीओसी का भाव 200 रुपए गिरकर 21300 रुपए प्रति टन रह गया। समीक्षाधीन सप्ताह वर्ष 2025 की समाप्ति एवं वर्ष 2026 के आगमन का समय था इसलिए कारोबार ज्यादा तेज नहीं रहा।

