मादुरो और उनकी पत्नी को बंदी बनाने के बाद ट्रंप की नजर वेनेजुएला के तेल भंडार पर

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नई दिल्ली। अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया है। मादुरो और उनकी पत्नी को युद्धपोत से अमेरिका लाया जा रहा है, उन पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलेगा। वहीं वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिका की नजर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के तेल कंपनियों को वेनेजुएला के विशाल कच्चे तेल भंडार का दोहन करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला का तेल चीन को सप्लाई करेगा।

शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की बड़ी ऊर्जा कंपनियां वेनेजुएला के खराब हो चुके तेल ढांचे को ठीक करने और उत्पादन फिर से शुरू करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी।

ट्रंप ने कहा, ‘हमारी दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां वहां जाएंगी, अरबों डॉलर खर्च करेंगी, तेल के ढांचे को ठीक करेंगी, जो बहुत खराब हो चुका है और देश के लिए पैसा कमाना शुरू करेंगी।’ एपी के अनुसार ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका फिर वेनेजुएला के तेल की ‘बड़ी मात्रा’ दूसरे देशों को बेचेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘हम तेल के कारोबार में हैं। हम इसे उन्हें बेचेंगे।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेल कंपनियां वेनेजुएला के तेल ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए भुगतान करेंगी। साथ ही, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अमेरिका के प्रतिबंध अभी भी लागू हैं। ट्रंप ने कहा, ‘वेनेजुएला के सभी तेल पर प्रतिबंध पूरी तरह से लागू है।’

इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखेगा और चीन को लेकर किसी भी चिंता को खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा कि उनके चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। ट्रंप ने कहा कि बीजिंग के साथ कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘उन्हें तेल मिलेगा। हम लोगों को तेल लेने देंगे।’

अमेरिका ने लगा रखा है बैन
एएफपी के अनुसार, वेनेजुएला साल 2019 से अमेरिकी तेल प्रतिबंधों के अधीन है। वेनेजुएला वर्तमान में प्रतिदिन लगभग दस लाख बैरल कच्चा तेल पैदा करता है, जिसमें से अधिकांश भारी छूट पर काले बाजार में बेचा जाता है। ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को वर्षों से ‘पूरी तरह से चौपट’ बताया, भले ही उसके पास बड़ा कच्चा तेल भंडार है।

भारत पर पड़ेगा असर
अमेरिकी सेना ने कुछ दिनों पहले कम से कम दो तेल टैंकर जब्त किए थे, जिनके बारे में वाशिंगटन ने कहा था कि वे प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे। वेनेजुएला के कच्चे तेल भंडार पर अमेरिका द्वारा कब्जे का असर भारत पर भी देखने को मिल सकता है। भारत भी वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदता है। हालांकि इसकी मात्रा दूसरे देशों के मुकाबले काफी कम है। अगर अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा कर उसे चलाता है तो हो सकता है कि वह भारत को भी तेल की सप्लाई बढ़ा दे।