ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, ईडी अफसरों के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक

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नई दिल्ली। Mamata Banerjee Case: कोलकाता में पिछले दिनों I-PAC के दफ्तर पर हुई छापेमारी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और यह लड़ाई ED बनाम ममता बनर्जी की लड़ाई बन गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार यानी ममता बनर्जी की सरकार और कोलकाता पुलिस को एक बड़ा झटका दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर छापे के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने जांच में ‘बाधा डालने’ के आरोप लगाने वाली ईडी की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और अन्य को नोटिस जारी किया है।

जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने केंद्रीय एजेंसी की उस याचिका पर गृह मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, ममता बनर्जी और बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार से भी जवाब मांगा है, जिसमें बंगाल के DGP राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा समेत अन्य लोगों को सस्पेंड करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में CBI जांच की याचिका पर भी जवाब मांगा है।

उच्चतम न्यायालय ने इसके साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस को I-PAC परिसर पर छापेमारी की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने ईडी की नई याचिका पर सुनवाई की तारीख 3 फरवरी तय की है। SC ने कहा, “ ईडी की याचिका में कई बड़े सवाल उठते हैं; अगर इनका जवाब नहीं दिया गया तो अराजकता फैल जाएगी। इस मामले की जांच करना आवश्यक है ताकि अपराधियों को राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आड़ में संरक्षण न मिल सके।”

ईडी की याचिका गंभीर मुद्दे उठाती हैं
कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की कि केंद्रीय एजेंसियों की जांच और राज्य एजेंसियों की उसमें दखल से संबंधित ईडी की याचिका गंभीर मुद्दे उठाती है। ईडी ने नई याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल पुलिस के तीन बड़े अधिकारियों, जिनमें डीजीपी राजीव कुमार भी शामिल हैं, को निलंबित किए जाने की मांग की थी। ED का आरोप है कि इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर जांच में बाधा डाली और सबूतों की कथित तौर पर चोरी में मदद की। अर्जी में यह भी उल्लेख किया गया है कि डीजीपी राजीव कुमार पूर्व में कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पद पर रहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ धरने पर बैठे थे।