नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस की मुख्य अतिथि और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत को वैश्विक स्थिरता का स्तंभ बताते हुए कहा है कि “भारत की सफलता ही दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है।”
उनका यह बयान भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने जा रहे बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से ठीक पहले आया है, जिसे “मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स” कहा जा रहा है।
तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आईं वॉन डेर लेयेन ने आज भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी इस भव्य आयोजन में शामिल हुए।
वॉन डेर लेयेन ने इसे अपने जीवन का “सबसे बड़ा सम्मान” बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर लिखा, “गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होना जीवन भर का सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है और इसका लाभ हम सभी को मिलता है।”
‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’ की दहलीज पर भारत-EU
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाले भारत-EU शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते के समापन की घोषणा कर सकते हैं। यदि यह समझौता होता है, तो यह करीब 2 अरब लोगों का साझा बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP का लगभग 25 प्रतिशत होगा। इससे पहले दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) में वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब हैं, जो यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते आर्थिक क्षेत्रों में पहली बढ़त (First-Mover Advantage) दिलाएगा।
कारों पर टैरिफ घटाने की तैयारी
इस समझौते के तहत भारत, यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों पर 110 प्रतिशत तक लगने वाले भारी शुल्क को घटाकर 40 प्रतिशत करने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15,000 यूरो से अधिक कीमत वाली सीमित संख्या में कारों पर टैक्स तुरंत कम किया जाएगा और भविष्य में इसे 10 प्रतिशत तक लाने की संभावना है। इससे वोक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW जैसी यूरोपीय ऑटो कंपनियों के लिए भारतीय बाजार के दरवाजे और भी खुल जाएंगे।

