नई दिल्ली। युद्ध के मैदान से इतर पाकिस्तान ने अटारी-वाघा बॉर्डर पर एक प्रोजेक्ट को अंजाम दिया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत को टक्कर देना है। दरअसल, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर पर बने नए एरिना का विस्तार किया है। पाकिस्तान और भारत की सीमा पर नए बने इस एरिना को 1 जनवरी को खोला गया था। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने इसका उद्घाटन किया था। अब इसमें 7,500 की जगह 25,000 दर्शक बैठ सकते हैं।
पाकिस्तान ने सिर्फ एरिना का ही विस्तार नहीं किया है, बल्कि वाघा के जॉइंट चेक पोस्ट पर कई नई चीजें भी बनाई गई हैं। इन नई चीजों में एक थीम पार्क है। यह पार्क उपमहाद्वीप के बंटवारे को दिखाता है। इसमें रेलवे स्टेशन, फौजी सामान और शहीदों की याद में एक स्मारक के मॉडल भी हैं। एरिना के अंदर एक पाकिस्तान म्यूजियम भी बनाया गया है। इसमें देश के इतिहास और संस्कृति को दिखाया गया है, जो आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक का है। पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट पर बड़ी रकम खर्च की है।
अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारत को टक्कर देने के लिए पाकिस्तान ने बड़ी रकम खर्च की है। यह प्रोजेक्ट सितंबर 2024 में शुरू हुआ था। उस समय अनुमान लगाया गया था कि इस प्रोजेक्ट में 3 अरब पाकिस्तानी रुपये खर्च होंगे। भारतीय मुद्रा में यह रकम 96.50 करोड़ रुपये होती है। उस समय इस प्रोजेक्ट को पूरा होने की समयसीमा दिसंबर 2025 थी। पाकिस्तान ने उसी समय सीमा के अंदर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया है।
कर्ज पर जिन्दा है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लोन पर जिंदा है। कभी उसे आईएमएफ से लोन मिल जाता है तो कभी वर्ल्ड बैंक से। वर्ल्ड बैंक ने कुछ दिनों पहले पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर (करीब 6270 हजार करोड़ रुपये) की नई वित्तीय सहायता मंजूर की है। यह पैसा एक बड़े कार्यक्रम का हिस्सा है जिसका मकसद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाना है।

