नई दिल्ली। देश में एलपीजी संकट के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। जहाजरानी सूत्रों के मुताबिक भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी गैस टैंकर आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मु से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं।
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ये दो टैंकर वर्तमान में गल्फ की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जल्द ही रास्ता क्लियर होने की उम्मीद है। मार्केट सोर्सेज के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में किसी क्रूड ऑयल टैंकर ने यात्रा नहीं की। एक खाली क्रूड टैंकर, जिस पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे थे, 18 मार्च को होर्मुज की खाड़ी से वापस ईरानी जल में लौट गया।
इंडियन नेवी सुरक्षित मार्ग उपलब्ध करा रहा
जानकारी के लिए बता दें कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अब साफ-साफ कहा है कि वह अपने दुश्मन देशों को किसी भी हालत में इस क्षेत्र से गुजरने नहीं देगा। अब ऐसी स्थिति में भारत ने अपने ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ईरान से लगातार संपर्क में बना हुआ है। काफी मशक्कत से भारतीय नौसेना भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध करा रही है। वहीं, एलपीजी और कच्चे तेल से लोडेड भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए अब इंडियन नेवी ने अपना अतिरिक्त वॉरशिप तैनात किया है।
जानकारी के अनुसार भारतीय झंडे वाले 22 जलीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। इसे निकालने के लिए भारत की सरकार के साथ-साथ इंडियन नेवी भी ईरानी सरकार के संपर्क में बनी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बाकी फंसे जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार करा लिया जाएगा। वहीं, इससे पहले एक भारतीय युद्धपोत ने यूएई के फुजैरा पोर्ट से रवाना हुए एक कच्चे तेल टैंकर को सुरक्षित तरीके से भारत के पश्चिमी तट तक सुरक्षा प्रदान की।
वहीं, कुछ दिन पहले ही ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के दो LPG कैरियर करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत पहुंचे। इन जहाजों ने पिछले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया था, जिसके बाद भारत के लोगों को बड़ी राहत थी।

