नई दिल्ली। भारतीय सोयाबीन बाजार पर अमरीका से हुए व्यापार समझौते का मनोवैज्ञानिक असर जारी है और इसके फलस्वरूप क्रशर्स- प्रोसेसर्स को ऊंचे दाम पर सोयाबीन खरीदने का प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है। सोयाबीन के मूल्य में दिसम्बर-जनवरी के दौरान जो तेजी आई थी वह अब धीरे-धीरे नरमी में बदल रही है।
प्लांट डिलीवरी भाव
14-20 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में उतार-चढ़ाव देखा गया। मध्य प्रदेश में यह घटकर 5300-5400 रुपए प्रति क्विटल पर आ गया। महाराष्ट्र में भाव इससे कुछ ऊपर रहा। राजस्थान में दाम 150 रुपए प्रति क्विटल तक घट गया।
सोया रिफाइंड तेल
लेकिन सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में कुछ सुधार दर्ज किया गया जो 1.50-2.00 रुपए प्रति किलो तक रहा। कोटा एवं कांडला में सोया रिफाइंड तेल का दाम 20-20 रुपए की वृद्धि के साथ क्रमशः 1390 रुपए एवं 1350 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा मगर मुम्बई में 30 रुपए घटकर 1350 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। वैश्विक बाजार में क्रूड सोया तेल की कीमतों में तेजी रही।
जनवरी में सोयामील का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहा जिसका असर घरेलू बाजार पर अब भी देखा जा रहा है। अमरीका से डीडीजीएस का आयात शुरू होने की संभावना से सोयाबीन की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में 16 फरवरी को 2 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई थी जो 17 फरवरी को घटकर 95 हजार बोरी रह गई मगर 18 फरवरी को बढ़कर पुनः 2 लाख बोरी पर पहुंच गई।

