भारतीय मूंगफली का इंडोनेशिया में होगा निर्यात, आयात पर लगा प्रतिबंध समाप्त

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मुम्बई। हालांकि इंडोनेशिया सरकार ने भारतीय मूंगफली के आयात पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है लेकिन भारतीय निर्यातक वहां शिपमेंट करने के लिए ज्यादा इच्छुक नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि इंडोनेशिया में मूंगफली का निर्यात करना काफी जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

गुजरात के एक निर्यातक का कहना है कि इंडोनेशिया सरकार ने दिसम्बर 2025 से ही भारतीय मूंगफली के आयात के लिए अपने व्यापारियों को अनुमति (परमिट) देना शुरू कर दिया था

लेकिन उसने आयात के लिए जो प्रक्रिया एवं शर्तें निर्धारित की हैं वे काफी सख्त और कठोर है और उसका पालन करना बहुत मुश्किल है। इंडोनेशिया सरकार ने मान्यता प्राप्त भारतीय निर्यातकों की संख्या भी घटाकर 75 नियत कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया ने 2 सितम्बर 2025 से मूंगफली के आयात को स्थगित कर दिया था। उसका कहना था कि निर्यातकों द्वारा गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और जो मूंगफली मंगाई जा रही है उसमें एफलेटोक्सिन का स्तर ऊंचा रहता है। भारतीय निर्यातक इस आरोप से सहमत नहीं थे।

उसका कहना था कि अगर किसी खेप की मूंगफली में एफलेटोक्सिन की मौजूदगी स्वीकृत स्तर से अधिक पाई गई तो इसे अधिसूचित करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी क्यों की गई।

उसका यह भी कहना था कि दरअसल भारत से मूंगफली आयात के मामले में इंडोनेशिया के संचालन के तौर तरीकों में कई खामियां हैं और इसे दूर किया जाना आवश्यक है।

दरअसल जिस समय आयात को स्थगित करने की घोषणा हुई थी उससे पूर्व भारत से जब वहां मूंगफली का निर्यात हुआ तब तत्काल उसकी क्वालिटी के बारे में कुछ नहीं कहा गया। लेकिन शिपमेंट के तीन महीने के बाद क्वारंटाइन प्राधिकरण ने उसमें एफलेटोक्सिन की उपस्थिति की शिकायत की।

किसी को यह पता नहीं था कि तीन महीनों तक उस मूंगफली को कहा और कैसे भंडारित किया गया और जिन वेयरहाउसों में मूंगफली का स्टॉक रखा गया था वहां आवश्यक सुविधाएं मौजूद थी या नहीं।