नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इसी संकट के बीच सोशल मीडिया पर एक भ्रामक दावा तेजी से फैलाया जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय व्यापारिक जहाज पाकिस्तान का झंडा इस्तेमाल कर रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि ये जहाज खुद को ईरान के हमले से बचाने के वास्ते ‘पाकिस्तानी झंडे’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की इसका फैक्ट चेक कर दिया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर कई देशों के जहाजों की आवाजाही को प्रतिबंधित या नियंत्रित किए जाने के बाद से लगातार अफवाहों का बाजार गर्म है।
इसी दौरान, पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स और कुछ प्रोपेगेंडा अकाउंट्स ने यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की कि ईरान केवल पाकिस्तानी या उसके सहयोगी देशों के झंडों वाले जहाजों को ही निकलने दे रहा है और मजबूरी में भारतीय जहाज अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी झंडे लगाकर वहां से गुजर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की आधिकारिक फैक्ट-चेक विंग ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से फर्जी, निराधार और बेतुका करार दिया है। MEA के आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट @MEAFactCheck ने आज सुबह एक पोस्ट में लिखा, “फेक न्यूज अलर्ट! कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों से सतर्क रहें।” पोस्ट में तीन वायरल पोस्ट्स की स्क्रीनशॉट्स शेयर की गईं, जिन पर बड़े-बड़े लाल ‘FAKE’ स्टैंप लगाए गए थे।
पहला पोस्ट पाकिस्तानी पत्रकार अली के. चिश्ती का था, जिसमें लिखा था: कन्फर्म्ड रिपोर्ट्स: कम से कम आठ भारतीय जहाज IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) की क्लियरेंस के साथ हॉर्मुज से गुजर चुके हैं। वहीं पाकिस्तान ने अपने झंडे तले 20 जहाजों (2 प्रतिदिन) के लिए डील कर ली है। क्या आप मान सकते हैं कि सभी आठ भारतीय जहाज पाकिस्तानी झंडे का इस्तेमाल करके गुजर रहे हैं?
MEA ने इसे स्पष्ट रूप से फर्जी बताया। दूसरे और तीसरे पोस्ट जावेद इकबाल के थे, जिनमें दावा किया गया था कि भारत में पेट्रोल-एलपीजी खत्म हो गया है, 6.5 लाख होटल-रेस्तरां बंद हो गए, UAE में तेल की लाइनें लगी हैं और पाकिस्तान सरकार स्थिति को बहुत अच्छे से संभाल रही है। ये पोस्ट भी MEA ने फर्जी करार दिए।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत को अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए किसी अन्य देश के झंडे की आवश्यकता नहीं है। सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हालिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया है कि भारत लगातार ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के संपर्क में है। भारत की स्वतंत्र कूटनीति का ही परिणाम है कि भारतीय जहाज बिना किसी बाधा के वहां से गुजर रहे हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में कई बड़े भारतीय जहाज भारतीय झंडे के तले ही पूरी शान और सुरक्षा के साथ होर्मुज पार करके भारत के बंदरगाहों (जैसे कांडला और मुंद्रा) तक पहुंचे हैं। इनमें एलपीजी कैरियर ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’, ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ शामिल हैं।
ईरान का आधिकारिक बयान
भारत और ईरान के बीच बेहतर कूटनीतिक संबंधों के चलते खुद ईरान की ओर से बयान जारी किया जा चुका है कि ‘हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।’ ईरान ने भारत के जहाजों को इस नाकेबंदी से काफी हद तक छूट दी है।
प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज का व्यापक एजेंडा
यह घटना भारत के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े ‘इन्फॉर्मेशन वारफेयर’ का हिस्सा है। होर्मुज संकट को लेकर हाल ही में कई अन्य झूठी खबरें भी फैलाई गई थीं। इससे पहले मार्च 2026 में यह अफवाह उड़ाई गई थी कि भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज पार करने के लिए ‘चीनी युआन’ में टैक्स या पेमेंट करना पड़ रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस दावे को भी तुरंत ‘फेक न्यूज’ घोषित किया था। ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को रोकने का दावा भी किया गया। अफवाह में कहा गया था कि ईरान ने भारतीय जहाजों को रोक दिया है, जिसे भारत सरकार ने खारिज कर दिया।

