भामाशाह अनाज मंडी में समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर किसानों का हंगामा

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क्वालिटी इंस्पेक्टर और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर किसानों का फूटा गुस्सा

​कोटा। भामाशाह अनाज मंडी स्थित गेहूं खरीद केंद्र पर मगंलवार को उस समय भारी हंगामे की स्थिति बन गई, जब खरीद प्रक्रिया में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से नाराज होकर दर्जनों किसान लामबंद हो गए। किसानों ने क्वालिटी इंस्पेक्टर मनीष सांखला और बायोमेट्रिक मशीन पर तैनात कर्मचारी ऋतुराज पर खरीद कार्य में जानबूझकर अड़ंगे डालने का आरोप लगाते हुए खरीद केंद्र पर हंगामा किया।

​हंगामे का मुख्य कारण हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से भीगे गेहूं की तुलाई से इनकार करना रहा। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में नमी आई है, लेकिन विभाग इसे स्वीकार करने के बजाय किसानों को परेशान कर रहा है।

किसानों ने आरोप लगाया कि क्वालिटी इंस्पेक्टर मनीष सांखला का व्यवहार किसानों के प्रति बेहद अभद्र और संवेदनहीन था। किसानों के अनुसार, सरकारी नियमों की नई गाइड लाइन के बावजूद अतिरिक्त 5 प्रतिशत की जो तुलाई होनी चाहिए, उसे भी केंद्र पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जिससे किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

​व्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए किसानों ने बताया कि बायोमेट्रिक डेस्क पर बैठे कर्मचारी ऋतुराज की मनमानी से प्रक्रिया और जटिल हो गई है। जिन किसानों के पास दो अलग-अलग टोकन हैं, उन्हें एक ही समय में काम निपटाने के बजाय बार-बार लाइन में लगने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

इसके अलावा, किसानों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके मोबाइल पर मैसेज के जरिए एक टोकन पर दर्ज विभिन्न किसानों की जितनी मात्रा आवंटित की गई है। केंद्र पर उतनी तुलाई नहीं की जा रही है। मैसेज में दर्ज मात्रा और वास्तविक खरीद में अंतर के कारण किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि क्वालिटी इंस्पेक्टर मनीष सांखला के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ और नियमों के अनुसार गेहूं की तुलाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर तुलाई प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की, ताकि मंडी में अपनी उपज लेकर आए किसानों को राहत मिल सके।