भाइयों के हाथों में रक्षासूत्र बांध कवच के रूप में खड़ी हो जाती हैं बहनें: स्पीकर बिरला

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रक्षाबंधन बहनों की उन्नति के लिए के लिए प्रेरित करता है: ऊर्जा मंत्री नागर

कोटा/सांगोद/ बपावर। रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना रक्षासूत्र समारोह शनिवार को कृषि उपज मंडी बपावरकलां में आयोजित किया गया। जहां सांगोद नगर, सांगोद देहात एवं बपावर क्षेत्र की बहनों ने अपने लाड़ले भाई लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को रक्षासूत्र बांधे।

बहनें एक-एक कर आती रहीं और दोनों भाइयों के मस्तक पर अक्षत, रोली का टीका लगाकर रक्षा सूत्र बांधती रही। महिलाओं ने बलाइयाँ लेकर भाइयों के सुख की कामना की। इस दौरान स्पीकर बिरला और ऊर्जा मंत्री नागर ने प्यारी बहनों को उपहार स्वरूप साड़ियां भेंट की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पीकर बिरला ने कहा कि रक्षाबंधन वह पवित्र बंधन है जो हम सबको बहनों की रक्षा करने और आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देता है। हमारी संस्कृति के अंदर रक्षाबंधन का महत्व है। हमारी माता बहनें त्याग, समर्पण की मूर्ति हैं। सृष्टि का निर्माण करने वाली हैं और संवेदना से भरी हुई हैं।

हमारी मातृशक्ति भाइयों के हाथों में रक्षा सूत्र बांधकर किसी भी आपदा, संकट और चुनौती के समय कवच के रूप में खड़ी हो जाती हैं। माता और बहनों के रिश्ते संवेदना, करुणा, दया, सहिष्णुता से भरे हैं। उनका समर्पण, त्याग, सेवा, संवेदना, मातृत्व हम सबको नई दिशा और दृष्टि देता है। भारतीय संस्कृति में माता और बहनों का स्थान सबसे ऊंचा है। मां दो परिवार को संभालती है। हर व्यक्ति के जीवन में भी मां का विशेष स्थान रहता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत की बेटियों ने सामाजिक, वैज्ञानिक राजनीतिक, आर्थिक हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व किया है। अब तो बॉर्डर पर भी रक्षा का दायित्व मातृशक्ति संभाल रही है। फिर चाहे भक्ति का बात हो या शक्ति का पथ हर जगह माता बहनों का योगदान उल्लेखनीय रहा है।

उन्होंने कहा कि एक भाई के रूप में हम दोनों इस रिश्ते को निभाने का पूरा प्रयास करेंगे। गांव में जब जाते हैं तो वहां की समस्याओं को सबसे ज्यादा बहनें ही उजागर हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि माता बहनों की रक्षा और सेवा के लिए खड़े रहे।

ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि ईश्वर की कृपा बनी रहे और बहनों का प्रेम, दुलार और आशीर्वाद मिलता रहे। इसके लिए हर वर्ष रक्षाबंधन का कार्यक्रम करते हैं। जो भी सम्भव होगा दोनों भाई सुख-दुख में सदैव खड़े नजर आएंगे। रक्षाबंधन का यह धागा बहनों की उन्नति, प्रगति के लिए प्रयास करने के लिए सदैव प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 50% आबादी को मुख्य धारा से जोड़ने का आह्वान किया है। आज महिलाएं देश के विकास में योगदान दे रही हैं। हमारी बच्चियां आगे बढ़ रही हैं और माता-पिता, क्षेत्र, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन कर रही हैं।

हर क्षेत्र में महिलाओं ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए बता दिया है कि राष्ट्र के विकास में योगदान देने से वे भी पीछे नहीं हैं। श्रीनागर ने कहा कि सांगोद में सुपोषित मां अभियान गर्भवती बहनों को पोषित करने का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। हमारे जच्चा बच्चा सुरक्षित रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियां भी स्वस्थ और सुरक्षित होंगी।

आने वाले समय में गर्भवती महिलाओं को जब पोषण सामग्री के किट वितरित किए जाएंगे तो एंबुलेंस भेज कर निशुल्क जांच और दवा की व्यवस्था भी की जाएगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीविका और अन्य माध्यमों के द्वारा उन्हें रोजगार और उद्योग के द्वारा आमदनी बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।

इस दौरान जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, कृष्णा शर्मा, उप प्रधान ओम नागर अडूसा, राजेश शर्मा, चंद्रप्रकाश सोनी, मुरारी मेहता, लाला किशनचंद, दिलीप गर्ग, ओम मेहता, दीनदयाल बेरवा, कमलेश शर्मा, मधुबाला मीणा, मीना मेघवाल, इंदिरा गुप्ता, चेनकंवर बाई, उछमा मीणा, गंगोत्री बाई समेत कई लोग मौजूद रहे।