शोभायात्रा, सांस्कृतिक संध्या, जैन यूथ फेयर और सेवा गतिविधियों से गूंजेगा शहर
कोटा। जैन धर्म के 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर भगवान श्री महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर कोटा शहर में 29 एवं 30 मार्च को दो दिवसीय भव्य आयोजन होंगे।
श्री सकल दिगम्बर जैन समाज समिति, कोटा के तत्वावधान में दिगम्बर एवं श्वेताम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सेवा से जुड़े विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला रहेगी।
सकल समाज के पदाधिकारियों ने गुरुवार को तलवंडी जैन मंदिर में विभिन्न कार्योक्रमो का पोस्टर विमोचन किया। इस अवसर पर सकल समाज के संरक्षक राजमल पाटौदी, कार्यध्यक्ष जेके जैन, मनोज आदिनाथ, विकास अजमेरा, मनोज जैसवाल, नरेश वेद, लोकेश सीसवाली, महामंत्री पदम बडला, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र हरसौरा, महिला प्रकोष्ठ से निशा वेद, पारस लुंग्या, अनिल ठोरा, अशोक पहाडिया, प्रकाश सामरिया सहित कई लोग उपस्थित रहे।
अहिंसा पदयात्रा से होगा शुभारंभ
सकल जैन समाज के मुख्य संरक्षक जेके जैन ने पत्रकारों को बताया कि 29 मार्च को प्रातः 7:30 बजे महावीर नगर प्रथम स्थित दिगम्बर जैन लाल मंदिर से सामूहिक अहिंसा पदयात्रा के साथ आयोजन का आगाज़ होगा। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता वाली इस पदयात्रा में पुरुष वर्ग सफेद एवं महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर शामिल होंगी। आध्यात्मिक पाठशालाओं के बालक-बालिकाएं, युवा मंडल, महिला मंडल, बालिका मंडल एवं विभिन्न सामाजिक समूह भी भागीदारी निभाएंगे।
महामंत्री पदम बडला ने बताया कि यात्रा ओपेरा हॉस्पिटल रोड, तलवंडी चौराहा, जवाहर नगर होते हुए दानबाड़ी पहुंचेगी। मार्ग में 108 तोरण द्वार एवं रंगोली सजावट की जाएगी। दानबाड़ी में ध्वजारोहण एवं भगवान महावीर के गुणानुवाद के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा।
सांस्कृतिक संध्या और जैन यूथ फेयर
महिला प्रकोष्ठ संयोजिका निशा वेद एव नरेश वेद के अनुसार, 29 मार्च को सायं 7:30 बजे दशहरा मैदान में आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें भक्ति, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। हर्षित जैन ने बताया कि इसी के साथ पहली बार कोटा में 29-30 मार्च को “जैन यूथ फेयर” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जैन समाज के व्यापार जगत से जुड़े उद्यमी एक ही मंच पर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे।
जन्मोत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान और प्रभात फेरियां
कार्यध्यक्ष मनोज आदिनाथ एवं पारस लुंग्या ने बताया कि 30 मार्च चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को भगवान महावीर के जन्मोत्सव पर प्रातः 6:30 बजे शहर के समस्त जैन मंदिरों में प्रतिमा को पांडुशिला पर विराजित कर प्रासुक जल से अभिषेक एवं अष्ट द्रव्य पूजन किया जाएगा। श्रद्धालु गन्धोदक धारण कर पुण्य अर्जित करेंगे। इससे पूर्व विभिन्न मंदिरों से प्रभात फेरियां भी निकाली जाएंगी।
भव्य शोभायात्रा बनेगी आकर्षण का केंद्र
मनोज जैसवाल एवं विकास अजमेरा ने बताया कि कोटा की हृदयस्थली रामपुरा से एक विशाल शोभायात्रा प्रारंभ होगी, जो आर्य समाज रोड, हिंदू धर्मशाला, अग्रसेन बाजार, श्रीपुरा, गांधीजी का पुल, गढ़ पैलेस होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी। निर्मल पोरवाल व जिनेन्द्र पापड़ीवाल ने बताया कि शोभायात्रा में भगवान महावीर की प्रतिमा को रथ पर सौधर्म इंद्र द्वारा विराजित किया जाएगा।
11 बग्गियों में इंद्र-इंद्राणी स्वरूप, घोड़ों पर सवार युवा, धर्मध्वज एवं उपदेशों की तख्तियां लिए श्रद्धालु शामिल होंगे। 108 तोरण द्वार, रंगोली, आरती एवं युवाओं के नृत्य दल शोभा बढ़ाएंगे। रथ को सैकड़ों श्रद्धालु खींचेंगे तथा चंवरधारी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
दशहरा मैदान में मुख्य समारोह
महामंत्री पदम बडला व कोषाध्यक्ष जितेन्द्र हरसोरा ने बताया कि दशहरा मैदान में पहुंचने पर भगवान की प्रतिमा को रजत पांडुशिला पर विराजमान किया जाएगा। आर्यिका विशुद्ध मति माताजी, आर्यिका विज्ञमति माताजी एवं आर्यिका चिन्मयमति माताजी के सान्निध्य में कार्यक्रम आयोजित होगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति कुमार धारीवाल, संदीप शर्मा एवं कल्पना देवी सहित कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के पश्चात समाज की पांच प्रमुख हस्तियों एवं सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। आर्यिका संघ के प्रवचन एवं अतिथियों के संबोधन में भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला जाएगा। प्रातः 11 बजे कलशाभिषेक एवं पूजन के बाद श्रद्धालुओं के लिए सुरुचि भोज की व्यवस्था रहेगी।
संध्या आरती और विश्वशांति की प्रार्थना
प्रचार सचिव पारस लुंग्या ने बताया कि संध्या समय शहर के सभी जिनालयों में भगवान महावीर की आरती होगी। विश्वशांति के लिए विभिन्न मंदिरों में शांतिधारा की जाएगी तथा 9 अप्रैल 2026 को जीतो के तत्वावधान में नमोकार मंत्र का सामूहिक जाप आयोजित होगा।
सेवा और जीवदया के विविध कार्य
मनोज आदिनाथ ने पत्रकारों को बताया कि महोत्सव के दौरान सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी जाएगी। जैन सोशल ग्रुप अनुभव द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप द्वारा मेगा ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर सैकड़ों यूनिट रक्त संग्रह किया जाएगा।
दी ह्यूमन हेल्पलाइन ट्रस्ट द्वारा गौरैया संरक्षण हेतु विशेष घोंसले वितरित किए जाएंगे। जीव दया टीम, जीव रक्षा फाउंडेशन एवं करुणाभाव संस्था द्वारा पक्षियों के लिए मिट्टी के परिंडे वितरित किए जाएंगे।
मेरे महावीर झूले पालना कार्यक्रम
लोकेश सीसवाली ने बताया कि महावीर जयंती के अवसर पर 30 मार्च को सायं 7 बजे प्रज्ञालोक (महात्मा फुले सामुदायिक भवन), महावीर नगर प्रथम में राष्ट्रीय गुरू आस्था परिवार द्वारा “मेरे महावीर झूले पालना” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसमें 2 से 8 माह तक के 24 शिशुओं को भगवान महावीर के बाल रूप में पालना झुलाया जाएगा। 24 दंपत्तियां राजा सिद्धार्थ एवं माता त्रिशला के रूप में सहभागिता करेंगी। 2 से 8 वर्ष तक के बालकों द्वारा बाल क्रीड़ा की झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। महिलाओं द्वारा बधाई नृत्य एवं रत्न वर्षा कार्यक्रम को आकर्षक बनाएंगे। प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
यह संपूर्ण आयोजन तपोभूमि प्रणेता आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज की प्रेरणा एवं निर्देशन में संपन्न होगा, जिसमें समूचा जैन समाज एकजुट होकर आस्था, संस्कृति और सेवा का संदेश देगा।

