कोटा। विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका विभा श्री माताजी का चातुर्मास जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को ‘तत्वार्थ प्रशिक्षण शिविर’ का शुभारंभ हुआ, जिसमें माताजी ने अपने मंगल प्रवचन देते हुए मोक्ष मार्ग पर प्रकाश डाला। उनके ओजस्वी संबोधन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए परम पूज्य गणिनी आर्यिका विभा माताजी ने कहा कि जो मोक्ष मार्ग के नेतृत्वकर्ता हैं, कर्म रूपी पर्वतों का भेदन करने वाले हैं और विश्व के समस्त तत्वों को जानने वाले हैं, ऐसे भगवान की उनके गुणों को प्राप्त करने के लिए सदैव वंदना करनी चाहिए।
विभा श्री माताजी ने आगे कहा कि भगवान के नाम का ग्रहण करने मात्र से सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं, पाप खंडित हो जाते हैं, दुष्ट देव लाघ नहीं सकते (अर्थात किसी प्रकार का उपद्रव नहीं कर सकते) और सभी ईष्ट अर्थ की प्राप्ति होती है। ऐसे परम देव का सदैव सुमिरन करना चाहिए।
महामंत्री अनिल जैन ठोरा ने बताया कि तत्वार्थ प्रशिक्षण सत्र में लगभग 350 महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। तत्पश्चात, माताजी के मुखारविंद से भक्तामर स्तोत्र काव्य पर सारगर्भित प्रवचन हुए, जिसने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

