कोटा। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस आव्हान पर कोटा जिले में मंगलवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल पूरी तरह कामयाब रही।
यूनाइटेड फोरम के संयोजक पदम कुमार पाटोदी ने बताया कि 300 बैंक शाखाओं के लगभग दो हजार बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों के काम पर नहीं जाने से सरकारी बैंकों में नगद जमा, भुगतान, ट्रांसफर, नेफ्ट, आरटीजीएस, ऋण एवं सभी बैंकिंग कार्य पूरी तरह से ठप्प रहें। बैंक शाखाओं के ताले भी नहीं खुले। इस एक दिन की हड़ताल से लगभग करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है।
पाटोदी ने बताया कि हड़ताल के दौरान बैंक कर्मियों एवं अधिकारियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा झालावाड़ रोड शाखा के समक्ष जोशीले नारों के साथ बारिश में भीगते हुए विशाल रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मी एवं अधिकारियों ने कोटा के मुख्य स्थल छावनी चौराहा पर पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर जोशीले नारे लगाए।। बाद में रैली बैंक ऑफ बड़ौदा झालावाड़ रोड शाखा के सामने आईबीए एवं वित्त मंत्री के पुतले का दहन करने के बाद समाप्त हुई।
प्रदर्शनकारियों को बैंक कर्मी नेता ललित गुप्ता, अशोक ढल, हेमराज सिंह गौड़, रमेश सिंह, अमित पंचोली, अनिल ऐरन, आरडी मालव, नरेंद्र सिंह, यतीश शर्मा, देवेंद्र सिंह, बृजेश काला, पंकज जैन, राजेश अग्रवाल, रवि कुमार शर्मा, सागर आजवानी, अधिकारी नेता सुहासवर्धन सक्सेना, अभिषेक सक्सेना, दानिश इमरान हाशमी, लोकेश सोनी, बृजमोहन सेन, गौरव मीणा ने सम्बोधित किया।
उन्होंने बताया कि आईबीए एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा सरकार को 8 दिसंबर 2023 के जॉइंट नोट एवं 7 मार्च 2024 के हुए समझौते में प्रतिदिन 40 मिनट अधिक काम करने की सहमति की सूचना सरकार को भेज दी थी।
लगभग दो साल बाद भी सरकार द्वारा सकारात्मक नहीं उठाने पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा 8 जनवरी को 27 जनवरी की हड़ताल का आव्हान किया गया। उन्होंने बताया कि 22 एवं 23 जनवरी को भी केंद्रीय श्रमायुक्त के समक्ष कोई निर्णय नहीं निकलने के कारण हड़ताल की है। प्रदर्शन एवं रैली में सेवानिवृत्त बैंककर्मी नेता आरके जैन, एलआर सिंह एवं संजीव झा भी उपस्थित थे।

