बेहतर कारोबार एवं सीमित आवक से सरसों में तेजी बने रहने के आसार

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नई दिल्ली। उत्पादकों, स्टॉकिस्टों एवं सरकारी एजेंसियों के साथ सरसों का सीमित स्टॉक बचा हुआ है जिससे मंडियों में इसकी कम आपूर्ति हो रही है। नए माल की छिटपुट आवक अगले महीने से आरंभ होने की संभावना है।

रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों की बिजाई समाप्त हो चुकी है और इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 86.57 लाख हेक्टेयर से 2.79 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 89.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो सामान्य औसत क्षेत्रफल 79.17 लाख हेक्टेयर से लगभग 10 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

प्रमुख उत्पादक राज्यों- राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं गुजरात की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में 10-16 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोत्तरी देखी गई जबकि हरियाणा की सिरसा मंडी में भाव 300 रुपए उछलकर 6800 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।

42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में तो 6950 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा लेकिन जयपुर में 125 रुपए बढ़कर 7275 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में राजस्थान के अलवर में 200 रुपए तथा कोटा के 100 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार आया।

उत्तर प्रदेश की हापुड़ में 75 रुपए तथा आगरा मंडी में 175 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी रही। संक्षेप में कहा जाए तो सभी प्रमुख मंडियों में सरसों का भाव केन्द्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहा है और यदि आगामी महीनों में भाव इसी स्तर पर या इसके आसपास बरकरार रहा तो सरकारी एजेंसियों (नैफेड / हैफेड) को किसानों से इसकी खरीद की जरुरत नहीं पड़ेगी।

सरसों तेल
सरसों का भाव तेज होने से सरसों तेल का दाम भी 1 से 3 रुपए प्रति किलो तक मजबूत हो गया। दिल्ली में एक्सपेलर सरसों तेल का दाम 20 रुपए की वृद्धि के साथ 1450 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा जबकि कोटा में कच्ची घानी सरसों तेल का भाव 55 रुपए उछलकर 1490 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।

आवक
फरवरी में आमतौर पर 5-6 लाख टन सरसों की आवक होती है जबकि मार्च में बढ़कर 14-15 लाख टन पर पहुंच जाती है। अप्रैल-मई में भी नई सरसों की जोरदार आपूर्ति का सिलसिला जारी रहता है।

सरसों खल (डीओसी)
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों खल एवं डीओसी में भी अच्छा कारोबार हुआ और भाव मजबूत रहा।