नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के एक किसान खीमानंद पांडे के पत्र के जवाब में कहा है कि ‘बीज से बाजार तक’ किसानों के सफर में आने वाली छोटी-बड़ी हर अड़चन को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी समृद्धि तथा कृषि की प्रगति सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
खीमानंद पांडे ने ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के पांच साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए एक पत्र लिखा था। प्रधानमंत्री ने पत्र का जवाब देते हुए कहा कि यह योजना मौसम की अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम को घटाकर कड़ी मेहनत करने वाले किसानों के आर्थिक हितों के संरक्षण में लगातार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। करोड़ों किसान इस किसान हितैषी बीमा योजना का लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कृषि और किसान कल्याण की दिशा में किए गए सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘पिछले पांच वर्षों में व्यापक कवरेज और पारदर्शी दावा निस्तारण प्रक्रिया के जरिये फसल बीमा योजना किसानों के कल्याण के लिए हमारे प्रतिबद्ध प्रयासों के एक उदाहरण के रूप में उभरी है।’ उन्होंने कहा, ‘सर्वागीण विकास के दृष्टिकोण के साथ आज देश एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।’
प्रधानमंत्री ने विश्वास प्रकट करते हुए कहा, ‘देश को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने के हमारे प्रयास और तेज होंगे।’ उन्होंने कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर बनाने में और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों पर अपने विचार साझा करने को लेकर पांडे को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस तरह के संदेश मुझे देश की दिल लगाकर सेवा करने की नई ऊर्जा देते हैं।’
प्रधानमंत्री के जवाबी पत्र के बारे में पूछे जाने पर खीमानंद ने कहा, उन्हें यकीन ही नहीं हो पा रहा है कि प्रधानमंत्री ने उनके पत्र का जवाब दिया है और वह इससे अभिभूत हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने फसल बीमा योजना को लेकर धन्यवाद देने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था क्योंकि इस योजना से जीवन की गुणवत्ता में बदलाव आया है और उन्हें अब उनकी कड़ी मेहनत पर मौसम की मार से पानी फिरने का डर नहीं है। खीमानंद ने प्रधानमंत्री को ‘नमो एप’ के जरिये पत्र लिखा था और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पांच साल पूरे होने पर उन्हें बधाई दी थी।

