मुकेश भाटिया
कमोडिटी एक्सपर्ट
कोटा। इस बार राष्ट्रीय स्तर पर अलसी का उत्पादन क्षेत्र घटकर 3.48 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 4.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था। उससे पूर्व इसका उत्पादन क्षेत्र 2016-17 में 3.85 लाख हेक्टेयर, 2015-16 में 3.26 लाख हेक्टेयर, 2014-15 में 3.19 लाख हेक्टेयर तथा 2013-14 के रबी सीजन में 3.48 लाख हेक्टेयर रहा था।
अलसी की बिजाई क्षेत्र गत वर्ष की तुलना में इस बार मध्य प्रदेश में 1.62 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.52 लाख हेक्टेयर, झारखंड में 52 हजार हेक्टेयर से गिरकर 40 हजार हेक्टेयर, छत्तीसगढ़ में 51 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 43 हजार हेक्टेयर तथा उड़ीसा में 12 हजार हेक्टेयर पर से गिरकर 11 हजार हेक्टेयर रह गया। बिहार में बिजाई क्षेत्र 37 हजार हेक्टेयर पर स्थिर रहा, जबकि UP में 30 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 32 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।
बिजाई क्षेत्र में करीब 54 हजार हेक्टेयर या 13.50 प्रतिशत की भारी गिरावट आने के बावजूद केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने इसके उत्पादन में महज 8 हजार टन की कमी आने का अनुमान लगाया है। इसके तहत अरंडी का उत्पादन 2017-18 सीजन के 1.75 लाख टन से घटकर 2018-19 के सीजन में 1.67 लाख टन पर सिमटने की संभावना व्यक्त की गई है।
मंत्रालय ने इसका उत्पादन लक्ष्य 2.01 लाख टन नियत किया था। इससे पूर्व 2016-17 में 1.84 लाख टन अलसी के उत्पादन का आंकड़ा दिया गया था। अलसी का वास्तविक उत्पादन 1.25-1.30 लाख टन से अधिक होने की उम्मीद नहीं है जिससे इसका घरेलू बाजार भाव आगामी महीनों में तेज रह सकता है।

